उत्तराखंड से अब 1407 यात्री हज पर जा सकेंगे, मेडीकल सर्टिफिकेट की बाध्यता भी ख़त्म

उत्तराखंड राज्य में हज कोटा बढ़ गया है। इस बार 1407 यात्री हज पर जा सकेंगे। केन्द्र सरकार ने राज्य के कोटे को वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर बढ़ाया है। हज कमेटी के चेयरमैन के अनुसार इस बार हज फार्म भरने वालों को मेडीकल सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं होगी। कांग्रेसी नेता एजाज अंसारी के कार्यालय पर पहुंचे हज कमेटी के चेयरमैन हाजी राव शेर मोहम्मद ने शुक्रवार को कहा कि राज्य से अब तक 772 यात्री ही हज पर जाते थे। लेकिन इस बार केन्द्र सरकार ने 2011 की जनगणना को आधार बनाते हुए कोटे को दोगुना कर दिया है। अब राज्य से 1407 यात्री हज यात्र पर जायेंगे।

उन्होंने बताया कि हज फार्म भरने की अंतिम तारीख आठ फरवरी रखी गई है। इसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है। राव ने बताया कि आवेदन पत्र में मेडीकल सर्टिफिकेट की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। कुर्राअंदाजी के दौरान नाम आने पर ही यात्री का मेडीकल सर्टिफिकेट लिया जायेगा। आवेदन में केवल ब्लड ग्रुप का ही जिक्र करना है। उन्होंने बताया कि इस बार कुरबानी के लिए यात्रियों का जबरन रुपये भी जमा नहीं करने पड़ेंगे। यात्री कुरबानी अपनी मर्जी से कर सकेंगे। इस मौके पर अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश संयोजक ताहिर अली भी मौजूद रहे।

हज कोटा बढ़वाने को जसपुर के लोगों ने अथक प्रयास किए। ट्रक यूनियन के पूर्व अध्यक्ष इकबाल हुसैन व उनके साथी कई बार दिल्ली गए। भाजपा नेता विनय रोहेला के नेतृत्व में केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, नजमा हेपतुल्ला, मुख्तार अब्बास नकवी से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया और कोटा बढ़ाने की मांग की थी।

हज कमेटी के चेयरमैन हाजी राव शेर मोहम्मद ने बताया कि उनका तीन साल का कार्यकाल पिछले दिनों समाप्त हो गया था। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उनके कार्यो को देखते हुए तीन साल के लिए उनका कार्यकाल बढ़ा दिया है।