उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गुरुवार रात से ही मौसम बनने लगा था और शुक्रवार को यहां जमकर बर्फबारी शुरू हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को हर्षिल क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई है। भारी बर्फबारी के चलते यहां पर्यटकों और काश्‍तकारों के चेहरों पर मुस्‍कान आ गई है।

लंबे समय से मौसम की बेरुखी से जूझ रहे काश्तकारों ने शुक्रवार को राहत की सांस ली। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सुबह से गंगोत्री, थराली, यमुनोत्री और दूसरे उच्च हिमालयी इलाकों में शुरू हुई बर्फबारी देर शाम तक जारी रही। इसके अलावा निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड के बावजूद बारिश का सिलसिला जारी है।

गौरतलब है कि मौसम विज्ञान विभाग की 29 जनवरी से अगले 48 घंटों तक बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दे दी थी। बावजूद इसके उत्तरकाशी जिला प्रशासन के पास बर्फबारी से निपटने के लिए कोई प्लान नहीं है।

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हालत ये हैं कि जिलाधिकारी छुट्टी पर हैं और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देहरादून में एक सरकारी मीटिंग में व्यस्त हैं। उत्तरकाशी का हर्षिल, मुखबा, गंगोत्री, झाला, सुक्खी, जसपुर सहित यमुनाघाटी का खरसाली, यमुनोत्री और मोरी क्षेत्र का ओसला, गंगाड़ आदि क्षेत्र हैं, जो बर्फबारी के चलते देश-दुनिया से कट जाते हैं।

इन क्षेत्रों में हजारों की जनसंख्या निवास करती है। अत्यधिक बर्फवारी और बर्फीले तूफान में यहां जन-जीवन खतरे में पड़ सकता है। अधिकांश ये वो क्षेत्र हैं जो गंगोत्री, यमुनोत्री हाइवे से जुड़े हैं और पर्यटकों की मौजूदगी यहां हर समय रहती ही रहती है।

लेकिन, चेतावनी के वावजूद प्रशासन गंभीर नजर नहीं आता। इन क्षेत्रों में आपदा से निपटने के कोई अतरिक्त इंतजाम नहीं हैं। यहां तक कि प्रशासन ने अलर्ट तक जारी नहीं किया है।