उत्तरकाशी : मौसम की बेरुखी से किसान परेशान, बर्फ की कमी से सेब के पेड़ों को लगी बीमारी

उत्तरकाशी में मौसम की बेरुखी ने इन दिनों किसानों को बेचैन कर रखा है। यहां हर्षिल, सुक्की, खरसाली, मोरी, आराकोट के जो क्षेत्र इन दिनों बर्फ की मोटी चादर से ढके होते थे, वहां चटख धूप के बीच धूल के गुबार उड़ रहे हैं। मौसम की इस बदलती तस्वीर ने किसानों के सपनों को बदरंग बना दिया है।

उत्तरकाशी के हर्षिल, धराली, मोरी, आराकोट, बंगाण क्षेत्र में नगदी फसलों के साथ ही बड़े पैमाने पर सेब की फसल भी होती है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक जिले में 15 से 18 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है।

सेब की अच्छी पैदावर के लिए बर्फबारी और माइनस तापमान जरूरी होता है। मिट्टी में जितनी अधिक नमी होगी, सेब की पैदावर उतनी ही अच्छी होगी। लेकिन, इस बार जनवरी का महीना भी गुजरने वाला है और अब तक भी बर्फबारी ठीक से नहीं हुई है।

कम बर्फबारी के कारण सेब के पौधों में कई तरह की बीमारियां भी पैदा हो रही हैं। इससे किसान खासे चिंतित हैं। सुक्की गांव के एक किसान ने बताया कि पिछले सालों तक जनवरी माह में उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की मोटी चादर बिछ जाती थी।

इतना ही नहीं बर्फबारी के कारण सड़कें तक बंद हो जाती थीं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते थे, लेकिन इस बार बर्फ देखने तक को नहीं मिल रही है। अन्य नगदी फसलों का भी यही हाल है। नगदी फसलों पर आजीविका के लिए निर्भर किसान भविष्य को लेकर बेहद चितिंत हैं।