राजेश खन्ना अभिनीत फिल्म ‘अमर प्रेम’ का गाना ‘चिंगारी कोई भड़के…’ तो आपको याद ही होगा। उसी गाने में आगे कुछ लाइनें इस प्रकार हैं… ‘मझधार में नय्या डूबे, तो मांझी पार लगाए, मांझी जो नाव डुबोए, उसे कौन बचाए…’ इस गाने की तरह ही इन दिनों पिथौरागढ़ में सरकारी महकमे खुद ही नियमों की धज्जियां उड़ाने में लगे हुए हैं, अब उन्हें कौन रोके?

पिथौरागढ़ विनियमित क्षेत्र में भले ही आम लोगों को भवन प्लान पास करने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हों, लेकिन यहां तमाम सरकारी भवन बिना प्लान के ही बन रहे हैं।

‘सूचना के अधिकार’ के तहत पत्र से यह खुलासा हुआ है कि जिले में बन रहे करीब एक दर्जन सरकारी भवन बिना प्लान के ही बन रहे हैं। नगरपालिका के सभाषद सुबोध बिष्ट ने सूचना के अधिकार में यह जानना चाहा कि शहर में बन रहे सरकारी भवन और पार्किंग किस प्लान के तहत बन रहे हैं, लेकिन सूचना अधिकारी ने उन्हें जो जानकारी दी गई है उससे पता चलता है कि पार्किंग, जिला पंचायत का नया भवन आदि बिना प्लान के बन रहे हैं।

सभाषद सुबोध बिष्ट का कहना है कि आम लोगों को प्लान पास कराने के लिए खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकारी महकमे नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। वहीं, एसडीएम अनुराग आर्य ने कहा कि नियम के मुताबिक विनियमित क्षेत्र में बनने वाले सभी भवनों के लिए प्लान का पास होना जरूरी है।