उत्तराखंड के डीजीपी बीएस सिद्धू ने गणतंत्र दिवस की सुबह अस्थायी राजधानी देहरादून में जिन आठ संदिग्‍धों के घुसने की खबर देकर सनसनी फैला दी थी, असल में वे देहरादून के एक कॉलेज के छात्र निकले।

बुधवार को पुलिस ने इस चूक के बारे में जानकारी दी। इस संबंध में पुलिस विभाग द्वारा एक संदिग्‍ध की फोटो और वीडियो भी जारी किया गया था। ये संदिग्‍ध 25 जनवरी की रात को राजपुर रोड क्षेत्र में देखे गए थे।

दो दिनों से लगातार पुलिस राजपुर रोड क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। घर-घर जाकर पुलिस लोगों का वैरिफिकेशन कर रही। इस दौरान बुधवार को दून वैली में एक हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्र खुद एसएसपी के पास पहुंच गए।

उन्होंने बताया कि सीसीटीवी में जिन्हें संदिग्‍ध आतंकवादी बताया जा रहा है, वे कोई और नहीं बल्कि वे खुद हैं। उन्होंने बताया ‌कि उस दौरान वह चर्च से लौट रहे थे।

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इससे पहले 26 जनवरी की सुबह उत्तराखंड के डीजीपी बीएस सिद्धू ने देहरादून में एक संदिग्ध के घुसे होने की जानकारी दी। एक संदिग्ध की फोटो के साथ पुलिस द्वारा एक ‌वीडियो भी जारी ‌किया गया। जिसमें आठ संदिग्‍ध‌ दिखाई दे रहे थे।

डीजीपी ने जानकारी देते हुए कहा था कि आठ लोगों के समूह में से एक संदिग्ध अस्थायी राजधानी देहरादून में घुस आया है। डीजीपी ने इस संदिग्ध का फोटो जारी कर लोगों से मदद मांगी थी। डीजीपी ने जनता से भी अपील की थी कि संदिग्ध को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें।

गौरतलब है कि रुड़की के लंढौरा क्षेत्र से आतंकी साजिश में चार युवकों के पकड़े जाने के बाद उत्तराखंड में आतंकी गतिविधियों पर पुलिस सख्त नजर रख रही है। इसके चलते पुलिस ने शहर के अंदर सीसीटीवी में संदिग्ध स्थिति में कुछ लोगों के देखे जाने पर देर रात तलाशी अभियान चलाया। अभी तक संदिग्ध के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।