अजय देवगन ने ‘फूल और कांटे’ से ‘जिगर’ लगाकर और ‘दिव्य शक्ति’ के साथ ‘प्लेटफॉर्म’ से होते हुए खुद को ‘शक्तिमान’ साबित किया है। उनका ‘दिल है बेताब’ तभी तो ‘एक ही रास्ता’ होने के बावजूद यह ‘बेदर्दी’ कब लोगों के दिलों पर राज करते हुए ‘धनवान’ बन गया किसी को पता ही नहीं चला।

अजय ने ‘संग्राम’ भी किया, लेकिन इस ‘दिलवाले’ को कानून भी क्या रोक पाता, यह तो ‘विजयपथ’ पर चल निकला था। इनकी फिल्मी मां को शायद ‘सुहाग’ नसीब ही नहीं हुआ, तभी तो वे ‘नाजायज’ भी साबित हुए और इससे उनकी जिंदगी में ऐसी ‘हलचल’ मची कि चारों और ‘गुंडाराज’ फैल गया और इस ‘हकीकत’ को जानकर ‘जंग’ होना लजमी था।

‘दिलजले’ अजय देवगन की ‘जान’ तो ‘इश्क’ में बसी थी और इसी से उनका ‘इतिहास’ बनता चला गया। अब तो ‘मेजर साहब’ भी उनकी तरफ थे, ऐसे में ‘प्यार तो होना ही था’। प्यार में ‘जख्म’ मिले तो भी अजय ने कहा ‘होगी प्यार की जीत’ और ‘हम दिल दे चुके सनम’ ये सब उन्होंने ‘हिन्दुस्तान की कसम’ लेकर कहा। फिर क्या था, ‘गैर’ भी अपने हुए और उनसे ‘कच्चे धागे’ जुड़ गए और ‘दीवाने’ ‘राजू चाचा’ फिर बोल पड़े ‘ये रास्ते हैं प्यार के’।

अब तक तो अजय ने भी अपनी ‘कंपनी’ बना ली थी और ‘द लेजेंड ऑफ भगत सिंह’ से दीवानगी ली और प्रेम के ‘भूत’ को भगाकर उन्होने ‘कयामत’ ही ढा दी और ‘चोरी चोरी’ इस सब पर ‘गंगाजल’ फेर दिया। लेकिन इस ‘परवाना’ की ‘जमीन’ तो ‘एलओसी कारगिल’ थी और आखिरकार ‘खाकी’ पहनकर बरसात में ‘मस्ती’ करते हुए इस ‘युवा’ ने ‘रेनकोट’ पहनकर ‘टार्जन’ स्टाइल में ‘इंसान’ बनकर इंसानियत दिखाई।

‘ब्लैकमेल’ तो अजय कभी हुए नहीं, उनके ‘जमीर’ ने ‘टैंगो चार्ली’ की तरह ‘काल’ बनकर कहा ‘मैं ऐसा ही हूं’। ‘अपहरण’ का ‘गोलमाल’ उनकी जिंदगी में ‘ओमकारा’ बनकर आया और ढेर सारा ‘कैश’ लाया। इस ‘आग’ का ‘हल्ला बोल’ ऐसा हुआ कि ‘संडे’ के दिन भी ‘यू मी और हम’ कहते हुए अपना ‘हाल ए दिल’ अपनी ‘मेहबूबा’ को सुनाते रहे और वो इसे ‘गोलमाल रिटर्न्स’ समझती रही।

आखिरकार ‘ऑल दि बेस्ट’ कहकर उसने अजय को ‘लंदन ड्रीम्स’ दिखाए तो अजय अपनी मेहबूबा से ही बोलने लगे ‘अतिथि तुम कब जाओगे’ इस ‘राजनीति’ में ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ ‘गोलमाल-3’ हो गया और ‘टूनपुर का हीरो’ ना जाने कब और कैसे ‘सिंघम’ बन गया।

ये ‘रास्कल्स’ इतना ‘तेज’ निकला कि ‘बोल बच्चन’ करके ‘सन ऑफ सरदार’ बन गया। कहने की जरूरत नहीं कि अजय देवगन ‘हिम्मतवाला’ है और ‘सत्याग्रह’ से भी पीछे नहीं हटता। ‘सिंघम रिटर्न्स’ इस ‘एक्शन जैक्शन’ ने ऐसा ‘दृश्यम’ तैयार किया कि हर कोई हैरान रह गया। अब देखना है कि अजय के ‘शिवाय’ ऐसा कौन कर पाता है।