नई दिल्ली।… देश के 67वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मंगलवार को दिल्ली के राजपथ पर परेड में भारत की सैन्य शक्ति व विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। इस मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद मुख्य अतिथि रहे। गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार फ्रांस की 35वीं इंफेंट्री रेजीमेंट को मार्चिंग दल को अगुवाई करने का सम्मान दिया गया।

67वें गणतंत्र दिवस के जश्न का आगाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमर जवान ज्योति पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि व पुष्पचक्र अर्पित कर किया। उसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और देश के मुख्य अतिथि फ्रांस्वा ओलांद का रुख किया।

राष्ट्रपति के अंगरक्षकों ने राष्ट्रीय सलामी दी और उसके बाद तिरंगा फहराया गया व राष्ट्रगान बजाया गया। इसके बाद राष्ट्रपति ने उत्तराखंड में हल्द्वानी के पास लालकुआं निवासी शहीद लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी की पत्नी को देश के सबसे बड़े वीरता सम्मान अशोक चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया। गोस्वामी पिछले साल सितंबर में जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों के साथ हुई एक मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

गोस्वामी की पत्नी को अशोक चक्र सौंपते समय प्रणब मुखर्जी के चेहरे पर उनके प्रति दुख साफ झलक रहा था। इस बार परेड में खोजी कुत्तों के साथ सैन्य दस्ता करीब 26 साल बाद देखा गया। वहीं, परंपरा से उलट राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की झांकी की एंट्री भी लगभग परेड समाप्ति के करीब हुई। उसके बाद बच्चों की झांकी, कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स के जांबाज मोटरसाइकिल सवारों, सेनानियों का भव्य हवाई प्रदर्शन और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों का गड़गड़ाते हुए आगे बढ़ना सबका दिल जीत ले गया।

उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, तीनों सेनाओं के प्रमुख, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कैबिनेट मंत्री, गणमान्य लोग और उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं का समूह परेड का साक्षी बना।