“महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू हैं नेताजी की मौत के गुनहगार”

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भांजी (बहन की नातिन) राज्यश्री चौधरी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के मुख्यधारा से गायब होने के लिए महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया है।

यही नहीं उन्होंने तो केंद्र सरकार से मांग की है कि वह जवाहर लाल नेहरू को दिया गया भारत रत्न वापस ले ले। उन्होंने नेहरू पर आरोप लगाया कि उन्होंने साजिश के तहत नेताजी को गायब कराया।

राज्यश्री ने विदेशों में स्थित आजाद हिंद फौज की संपत्ति का पता लगाकर उसे भारत लाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि भारत को हमेशा के लिए कॉमनवेल्थ से हट जाना चाहिए।

शनिवार को देहरादून स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता को संबोधित करने से पहले नेताजी की भांजी राज्यश्री चौधरी ने नेताजी के राजनीतिक जीवन को खत्म करने के लिए जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया।

तमाम तथ्य और प्रमाण पेश करके उन्होंने यह साबित करने की कोशिश की कि गांधी-नेहरू परिवार और कांग्रेस पार्टी नेताजी के गुनहगार हैं।

राज्यश्री ने कहा कि साल 1930 से 1945 तक नेताजी के खिलाफ नेहरू साजिश और षड्यंत्र करते रहे। आखिरकार नेहरू ने नेताजी को मुख्यधारा से गायब करवा ही दिया। उन्होंने कई पत्र दिखाते हुए कहा कि नेहरू ने ब्रिटेन के तत्तकालीन प्रधानमंत्री और सोवियत संघ के कई सत्ताधारियों को लिखा कि नेताजी वॉर क्रिमनल हैं।

इसलिए उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाए, जैसा युद्ध अपराधी के साथ किया जाता है। एटली नेहरू व नेहरू-माउंटबेटन के बीच पत्राचार का हवाला देकर उन्होंने कहा कि नेहरू ने नेताजी को युद्ध अपराधी साबित करने के लिए अनगिनत कोशिशें कीं।

राजश्री चौधरी ने कहा कि आजाद हिंद फौज की 114 करोड़ की संपदा को विदेशों से भारत लाया जाए। वह भारतीयों की कुरबानी की संपदा है। उन्होंने यह साबित करने की कोशिश की कि नेताजी की तमाम संपदा को नेहरू के खातों तक में जमा कराया गया है। उन्होंने मांग की है कि नेताजी से वॉर क्रिमनल का टैग हटाया जाए। नेताजी की मौत विमान दुर्घटना में हुई थी इस बात को इतिहास की पुस्तकों से हटाया जाए।

अमेरिका, रूस, जापान, सिंगापुर, वियतनाम, ब्रिटेन, चीन, मंगोलिया समेत विभिन्न देशों में नेताजी से संबंधित फाइलों को वापस लाने की व्यवस्था की जाए। इस मौके पर उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि देश को रसातल में डालने के लिए यह परिवार जिम्मेदार है। पत्रकार वार्ता में रिटायर्ड आईएएस एसएस पांगती, पीसी थपलियाल, दिगंबर नेगी, कर्नल पीडी कुड़ियाल आदि मौजूद थे।

राजश्री चौधरी ने कहा कि जो जर्मन महिला खुद को नेताजी की पत्नी और बेटी कहती हैं वह झूठी हैं। तत्कालीन भारत सरकार और कांग्रेस नेताओं ने साजिश रचकर उसको नेताजी की पत्नी साबित करने की कोशिश की। यह सब नेहरू और माउंटबेटन के षड्यंत्र का नतीजा है।

राज्यश्री ने कहा कि वह दून इसलिए आईं, क्योंकि यहां स्वामी शारदानंद रहते थे। उनके बारे में कहा जाता था कि वह नेताजी हैं। वह नेताजी थे या नहीं, लेकिन इंदिरा गांधी ने उन्हें बहुत तंग किया। सिर्फ इसलिए कि उनके बारे में यह धारणा थी कि वह नेताजी थे। उन्होंने कहा कि जहां स्वामी रहते थे वह स्थान ऐतिहासिक घोषित किया जाए।