टिहरी के अर्जुन सहित 25 बच्चों की वीरता को पीएम मोदी ने किया सम्मानित

नई दिल्ली।… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तराखंड में टिहरी जिले के मालगांव निवासी अर्जुन सिंह सहित 25 बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों ने परेशानी में घिरे इंसानों की मदद की।

मोदी ने कहा कि प्रत्युत्पन्नमतित्व, त्वरित निर्णय, निस्वार्थ दृढ़संकल्प और मुसीबत में फंसे अपने जैसे इंसानों के प्रति संवेदनशीलता, इन बच्चों की बहादुरी के सर्वाधिक महत्वपूर्ण तत्व हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पुरस्कार विजेताओं के लिए, बहादुरी के ये कारनामे अपने आप में अंत नहीं हैं। जीवन जारी है, बच्चों को अपने करियर का विकास करना चाहिए और समाज की सेवा अपनी पूरी क्षमता से करनी चाहिए।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि रविवार को उन्होंने जिस ‘लाइफ प्रोग्रेशन ऑफ आईसीसीडब्ल्यू (इंडियन काउंसिल फार चाइल्ड वेलफेयर) नेशनल ब्रेवरी अवार्डीज’ किताब का विमोचन किया है, वह इन सभी पहलुओं को छूती है।

इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी भी मौजूद थीं।

अर्जुन की वीरता की कहानी
खूंखार आदमखोर गुलदार के जबड़े से अपनी मां की जान बचाने के लिए अर्जुन को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस तरह का साहस दिखाने वाले 25 बच्चों को वीरता पुरस्कार से नवाजा गया।

16 जुलाई 2014 को अर्जुन की मां पालतू जानवरों के लिए चारा लेने जंगल में गई थी। उस वक्त जंगल में गुलदार ने अचानक अर्जुन की मां पर हमला कर दिया। मां की चीख-पुखार की आवाज सुनकर गांव के लोग और उसका बेटा जंगल में पहुंच गए। वहां 16 वर्षीय अर्जुन ने देखा कि गुलदार ने उसकी मां पर हमला कर दिया है।

मां की जान बचाने के लिए बिना किसी डर के अर्जुन ने घास काटने की हंसिया से गुलदार पर हमला बोल दिया। इसके बाद गुलदार ने अर्जुन की मां को छोड़कर उस पर ही हमला कर दिया। अर्जुन के अदम्य साहस के चलते गुलदार 16 साल के अर्जुन के आगे टिक नहीं पाया और वहां से भाग निकला।