‘उत्तराखंड की देवभूमि जै, शत्-शत् तेरा अभिनंदन।
दर्शन, संस्कृति, धर्म, साधना, श्रम रंजित तेरा कण-कण।।’

गौरवान्वित और रोमांचित करने वाली ये दो पंक्तियां उत्तराखंड के राज्य गीत की हैं।

जी हां, उत्तराखंड का राज्यगीत चुन लिया गया है। राज्यगीत चयन समिति ने उन्हें प्राप्त 203 प्रविष्टियों में से एक का चुनाव कर लिया है। जिस गीत को राज्यगीत के लिए चुना गया है उसे नैनीताल के हेमंत बिष्ट ने लिखा है।

हेमंत बिष्ट ने जब अखबारों में यह गीत पढ़ा था तो उन्हें बेहद खुशी हुई थी, लेकिन इंतजार था समिति की ओर से उनके नाम को सामने रखने की। मंगलवार को संस्कृति निदेशालय में हुई समिति की बैठक में हेमंत बिष्ट का नाम सार्वजनिक कर दिया गया।

राज्यगीत लिखने वाले हेमंत बिष्ट
राज्यगीत लिखने वाले हेमंत बिष्ट

बैठक में समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उनसे भी कई बार इस संबंध में सवाल किए जा रहे थे कि आखिर गीत लिखने वाले व्यक्ति के नाम का खुलासा क्यों नहीं किया जा रहा है? समिति के अध्यक्ष प्रो. लक्ष्मण सिंह बटरोही ने बताया कि अब गीत की धुन तैयार करना रह गया है, जिसकी जिम्मेदारी लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी (जोकि समिति के सह अध्यक्ष भी हैं) को दी गई है। वह जल्द ही गीत की धुन तैयार करेंगे।

धुन में लोकगीतों का पुट रहे, इस बात का ध्यान रखा जाएगा। बताया गया कि गीत दो वर्जन में तैयार होगा। एक वर्जन में पूरा गीत होगा, दूसरे में इसे छोटा करके तैयार किया जाएगा। बैठक में समिति के पदाधिकारी नरेंद्र सिंह नेगी, हीरा सिंह राणा, डॉ. अतुल शर्मा, जिया नटरोही, अंबर खरबंदा आदि उपस्थित थे।