देवभूमि लोक संस्कृति विरासत समिति ने दावा किया कि अर्द्धकुंभ में उत्तराखंड के कोने-कोने के विभिन्न जिलों से आयी देवी-देवताओं की डोलियां हरकी पैड़ी पर 22 अप्रैल को स्नान करेंगी।

समिति की मंगलवार को सुदर्शन अखाड़े में हुई बैठक में कार्यक्रम को अंतिम रूप प्रदान किया गया। बैठक की अध्यक्षता मोहन सिंह रावत गांववासी ने की।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए गांववासी ने कहा कि उत्तराखंड में देव डोलियों का विशेष महत्व है। अर्द्धकुंभ में डोली स्नान की नई परम्परा शुरू की जा रही है। ऋषिकेश में 21 अप्रैल और हरिद्वार 22 अप्रैल को भव्य जुलूस निकाले जाएंगे।

बैठक में अखाड़े के श्रीमहंत रघुवीर दास को समिति का संरक्षक मनोनीत किया गया। इसमें विरासत समिति के संस्थापक विद्यादत्त रतूडी, वंशीधर पोखरियाल, पीताम्बर पैन्युली, आशा राम व्यास, मनोज जखमोला, रमेश चन्द्र पैन्युली, महिपाल सिंह बिष्ट, विशाल मणि, मोहन सिंह बुटोला, विनोद उपाध्याय, मोहित नवानी, दिनेश जोशी, मुकेश जोशी, ईश्वर सुयाल, गोपाल सिंह रावत, रमेश रतूड़ी आदि ने भाग लिया।