उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के आतंकवाद प्रभावित खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को भारी हथियारों से लैस तालिबान के आत्मघाती हमलावर बाचा खान विश्वविद्यालय में घुस गए। आतंकवादियों ने यहां घुसते ही छात्रों एवं शिक्षकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे कम से कम 25 लोग मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए। इसके बाद सेना ने मोर्चा संभालते हुए सभी चारों आतंकवादियों को मार गिराया।

पुलिस ने बताया कि बंदूकधारी प्रांत के चारसददा जिला स्थित बाचा खान विश्वविद्यालय में घुस गए और उन्होंने कक्षाओं एवं छात्रावासों में छात्रों और शिक्षकों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। यह विश्वविद्यालय पेशावर के दक्षिण पश्चिम में करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। विश्वविद्यालय का नाम प्रसिद्ध नेता खान अब्दुल गफ्फार खान उर्फ बाचा खान के नाम पर रखा गया है।

विश्वविद्यालय परिसर के भीतर विस्फोटों और भारी गोलीबारी की आवाज सुनी गई। उस समय वहां बादशाह खान की बरसी के मौके पर एक काव्य संगोष्ठी चल रही थी। बादशाह खान का 20 जनवरी, 1988 को निधन हो गया था।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता और प्रांतीय सांसद शौकत यूसुफजई ने कहा कि विश्वविद्यालय में बुधवार सुबह हुए आतंकवादी हमले में एक प्रोफेसर सहित 25 लोगों की मौत हो गई और 50 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर के सभी अस्पतालों में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है। इलाके में सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

इससे पहले पेशावर में दिसंबर, 2014 को सेना संचालित एक स्कूल में तालिबान आतंकियों ने हमला कर 150 लोगों की जान ले ली थी। यूसुफजई ने कहा कि इस हमले को चार से दस हमलावरों ने अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कायरतापूर्ण हमले आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सरकार के इरादों को हिला नहीं सकते। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी घटनास्थल पर पहुंची और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया।

 

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पाकिस्तान सेना के बल भी पेशावर से विश्वविद्यालय के लिए रवाना हुए और उन्होंने वहां पहुंचकर अभियान शुरू किया। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा ने टि्वटर पर लिखा कि विश्वविद्यालय को खाली कराने के सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान चार आतंकवादी मारे गए।

उन्होंने ट्वीट किया, निशानेबाजों ने छत पर दो और आतंकवादियों को मार गिराया। अब तक चार आतंकवादी मारे गए हैं। सेना ने पूरी इमारत और छत पर कब्जा कर लिया है। बाजवा ने कहा कि सैन्यबल ब्लॉक दर ब्लॉक के आधार पर विश्वविद्यालय को खाली करा रहे हैं।

इससे पहले विश्वविद्यालय ब्लॉक के भीतर से गोलीबारी कर रहे दो आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया। आतंकवादियों को विश्वविद्यालय के दो ब्लॉकों में सीमित कर दिया गया और सैन्य बल एवं कमांडो अभियान में हिस्सा लिया। सेना ने कहा कि अभियान पूरा हो गया है और सुरक्षा बलों ने सभी आतंकियों को मार गिराया।

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसके चार हमलावरों ने इसे अंजाम दिया। आतंकी समूह के एक प्रवक्ता ने मीडिया घरानों को फोन कर कहा कि यह हमला पेशावर स्कूल हमले के बाद से सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए उसके लोगों का बदला है। उसने हमले जारी रहने की चेतावनी दी।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. फजल रहीम ने बताया कि विश्वविद्यालय के अंदर 3,000 से अधिक छात्र और 600 अतिथि थे जो अब्दुल गफ्फार खान की बरसी के मौके पर काव्यगोष्ठी के लिए वहां आए थे। सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ पेशावर के कोर कमांडर और दूसरे शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे जहां उन्हें अभियान की जानकारी दी गयी। खैबर पख्तूनख्वा के गर्वनर सरदार महताब अहमद खान भी वहां मौजूद थे।

जियो टीवी ने अपनी खबर में बताया कि मतकों में रसायन विभाग के प्रोफेसर हामिद हुसैन शामिल हैं। खबर में कहा गया, बाहर निकलने के बाद विश्वविद्यालय के एक शिक्षक ने बताया कि रसायन विभाग के अध्यक्ष हामिद आतंकवादियों की गोलीबारी में मारे गए हैं। खबर में बताया गया है कि आतंकी उनके कक्ष में घुसे और हामिद के सिर में गोली मारी। उनकी तुरंत मौत हो गई।

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वयं स्थिति पर नजर रख रहे हैं और उन्हें ताजा गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है। शरीफ ने आतंकवादी हमले में लोगों की कीमती जानें चली जाने पर दुख व्यक्त किया और कहा कि निर्दोष छात्रों और नागरिकों पर हमला करने वालों का कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार उनका सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नेशनल असेंबली के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर, पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध के मुख्यमंत्रियों और तहरीक ए इंसाफ के प्रमुख इमरान खान ने भी हमले की निंदा की है। ब्रिटेन के दौरे पर गए प्रांत के मुख्यमंत्री परवेज खटटक अपना दौरा बीच में ही छोड़ते हुए वापस लौट रहे हैं। विपक्षी आवामी नेशनल पार्टी ने दस दिनों के शोक की घोषणा की है।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकवादी हमले की निंदा की। शरीफ ने आतंकवादी हमले में लोगों की कीमती जानें चली जाने पर दु:ख प्रकट किया और कहा कि निर्दोष छात्रों और नागरिकों पर हमला करने वालों का कोई धर्म नहीं होता।