तस्वीर : साभार ईटीवी 18 से

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार रात रुड़की से अखलाक सहित आईएसआईएस के जिन चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था, उन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चारों आतंकियों को 15 दिनों के लिए पुलिस हिरासत पर भेज दिया है।

इनके निशाने पर राजधानी दिल्ली के अलावा हरिद्वार में चल रहा अर्द्धकुंभ भी था। इनमें से प्रमुख आतंकी का नाम अखलाक बताया जा रहा है। इसके साथ ही तीन अन्य संदिग्ध आतंकियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तार चारों संदिग्ध मंगलौर कॉलेज के छात्र हैं। इन आतंकियों की उम्र 19 से 21 साल के बीच बताई जा रही है। दो आतंकी बीए प्रथम और दो द्वितीय वर्ष के छात्र हैं।

पकड़े गए चारों संदिग्ध आतंकियों के नाम इस प्रकार हैं…

  • अखलाक, गांव भगवानपुर, चंदनपुर
  • ओसामा, गांव जोरासी
  • मोहम्मद अजीज, कस्बा लंडोरा
  • मोहम्मद महरोज, लंडोरा

संदिग्ध आतंकियों के पास से लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार यह इंटरनेट के जरिए विदेश में बैठे आतंकियों के संपर्क में थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रॉ, आईबी के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में इन्हें गिरफ्तार किया। हरिद्वार में चल रहे अर्द्धकुंभ मेले के दौरान बड़े आतंकी हमले की साजिश थी। गिरफ्तार किए गए आतंकियों को दिल्ली लाकर इनसे पूछताछ की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार इन आतंकियों का पठानकोट हमले से भी कनेक्‍शन था। साथ ही वह हरिद्वार में चल रहे अर्द्धकुंभ में भी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। एटीएस, स्पेशल ब्रांच और एलआईयू की जांच में अखलाक के हर हफ्ते हरिद्वार आने की बात सामने आई है।

बता दें कि सोमवार को ही हरियाणा के मेवात से एक संदिग्‍ध आतंकी अब्दुल शमी को गिरफ्तार किया गया था। यह आतंकी झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला है। हरियाणा में आतंकी अब्दुल शमी की गिरफ्तारी से पुलिस को इन चारों आतंकियों के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद हरिद्वार से इन चारों आतंकियों को गिरफ्तार किया गया।

स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार आतंकियों के झारखड संबंध के बारे में भी जानकारी है। वहीं डीसीपी संजीव यादव, प्रमोद कुशवाहा, एडिशनल मनीषी चंद्र के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को आगे बढ़ाया गया है। इन आतंकियों की गिरफ्तारी में स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर ललित मोहन ने भी हृदय भूषण, इंस्पेक्टर कैलाश बिष्ट, बलवंत राणा, राहुल सिंह, प्रमोद चौहान और भूषण आजाद की काफी महत्पूर्ण भूमिका थी।