उसने अपनी जान की परवाह नहीं की और मां को बचाने के लिए खूंखार गुलदार से भिड़ गया। उसके इस साहस को सभी ने सलाम किया और अब इस बार गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड के अर्जुन सिंह को इसी अदम्य साहस के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी वीरता पुरस्‍कार से सम्मानित करेंगे।

टिहरी के मालगांव निवासी अर्जुन सिंह को संजय चोपड़ा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 24 जनवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में अर्जुन को पुरस्कार मिलेगा। पुरस्कार में पदक, प्रमाण पत्र व वित्तीय मदद भी दी जाएगी।

गुलदार के जबड़े से मां की जान बचाने के लिए अर्जुन को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस तरह का साहस दिखाने वाले 28 बच्चों को भारतीय बाल कल्याण परिषद ने सोमवार को 2015 के राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार के लिए चुना है।

16 जुलाई 2014 को अर्जुन की मां पालतू जानवरों के लिए चारा लेने जंगल में गई थी। उस वक्त जंगल में गुलदार ने अचानक अर्जुन की मां पर हमला कर दिया। मां की चीख-पुखार की आवाज सुनकर गांव के लोग और उसका बेटा जंगल में पहुंच गए। वहां 16 वर्षीय अर्जुन ने देखा कि गुलदार ने उसकी मां पर हमला कर दिया है।

मां की जान बचाने के लिए बिना किसी डर के अर्जुन ने घास काटने की हंसिया से गुलदार पर हमला बोल दिया। इसके बाद गुलदार ने अर्जुन की मां को छोड़कर उस पर ही हमला कर दिया। अर्जुन के अदम्य साहस के चलते गुलदार 16 साल के अर्जुन के आगे टिक नहीं पाया और वहां से भाग निकला।