टिहरी जिले के थौलधार ब्लॉक के गुसाईं पट्टी में ग्राम खमोली के ग्रामीणों ने सामुदायिक सहभागिता से मंदिर के लिए एक किलोमीटर सड़क बनाकर अपने आप में एक मिसाल कायम की है। गांववालों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने मकर संक्रांति के दिन सुरकंडा देवी के मंदिर तक छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी। सड़क बनने से अब देवी भक्तों को मंदिर तक की दूरी पैदल नहीं नापनी पड़ेगी।

खमोली और आसपास गांव के लोग लंबे समय से एक कि.मी. पैदल नापकर मंदिर पहुंच रहे थे। मंदिर में कभी भजन-कीर्तन और हरियाली डालने पर सामान पहुंचाने में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। लोगों की समस्याओं को देखते हुए खमोली के ग्रामीणों ने एक महीने पहले मंदिर को सड़क से जोड़ने पर विचार किया।

कईयों ने मनरेगा में प्रस्ताव देने का सुझाव दिया, तो गांव की महिलाओं ने श्रमदान से ही पैदल संपर्क मार्ग को सड़क में बदलने का निर्णय लिया। सबका सहयोग मिला, तो निर्माण कार्य शुरू किया गया। प्रधान संगीता बधानी ने बताया कि गांव के 40 महिला-पुरुषों ने बगोड़ी बैंड से काम शुरू कर 28 दिन तक श्रमदान कर पैदल रास्ते को 10 फीट चौड़ी सड़क में बदल दिया।

मंदिर के पुजारी सुंदरलाल उनियाल ने बताया कि सड़क पहुंचने से भक्तों को राहत मिलेगी। मकर संक्रांति के दिन ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने मंदिर तक छोटे वाहनों के लिए सड़क बना दी। श्रमदान करने वालों में सुंदरलाल बधानी, सुलोचना जोशी, किशोरी लाल जोशी, सुंदरी देवी, पार्वती देवी, अनिल बधानी, पूर्णानंद बधानी, उषा देवी, लाखीराम उनियाल आदि शामिल थे।