कोई नेता कितना मशहूर है और कितने लोग उसे पसंद करते हैं इसका कोई खास पैमाना तो नहीं है। लेकिन सोशल मीडिया के इस दौर में नेताओं के फेसबुक पेज लाइक और ट्विटर फॉलोअर्स की संख्या से उनकी इस आधुनिक वर्चुअल दुनिया में कितनी पैठ है इसका अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है। हमारे अपने मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी फेसबुक पर एक लाख से ज्यादा लोग लाइक करते हैं।

इस पर मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी का भी मानना है कि भले ही ये एक लोकप्रियता का पैमाना न हो, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ज्यादा से ज्यादा जनता के बीच रहकर उसके दिल में जगह बना रहे हैं, लेकिन हाइटेक दौर की उपज सोशल वेबसाइट के जरिए भी रावत तेजी से लोगों से जुड़े हैं।

हाइटेक दौर से मुख्यमंत्री की कदमताल करने की तस्दीक सोशल वेबसाइट फेसबुक पर उनका अकाउंट कर रहा है। जिसके मुताबिक उनको लाइक करने वालों की तादाद एक लाख छह हजार से ज्यादा हो गई है। इस पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी सधी हुई टिप्पणी कर रही है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि पूरी तरह से फेसबुक लोकप्रियता का पैमाना नहीं हो सकता है, लेकिन इसके महत्व को नजर अंदाज भी नहीं किया जा सकता है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि आज के दौर में सोशल वेबसाइट पर लोगों से जुड़ना एक सशक्त माध्यम बन चुका है।

युवाओं में सोशल मीडिया के प्रति जबरदस्त क्रेज है और इसे देखते हुए राजनेता भी इसका उपयोग कर रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड में भी मोटे तौर पर हर पार्टी के बड़े नेता फेसबुक के जरिए लोगों से जुड़े हैं। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, बीजेपी अध्यक्ष अजय भट्ट और खुद त्रिवेंद्र रावत सहित कई अन्य पूर्व और मौजूदा सांसद, विधायक और मंत्री शामिल हैं, लेकिन अभी उत्तराखंड के किसी भी राजनेता के फेसबुक अकांउट से जुड़ने वाले या फिर कहें कि लाइक करने वाले लोगों का आंकड़ा एक लाख तक नहीं पहुंचा है।

इस मामले में मुख्यमंत्री के पहले लखपति बनने से उत्साहित सत्ताधारी कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री तो पहले से ही जनता के बीच लोकप्रिय रहे हैं।