मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘घोस्ट’ कंपनियों से किया करार, AAP बोली हुआ भ्रष्टाचार

मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा 9 दिसंबर 2015 को दो विदेशी कंपनियों से उत्तराखंड में 3300 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर हुए करार पर आम आदमी पार्टी ने कई सवाल खड़े किए हैं।

निवेश करने वाली कंपनी आईओसीयूएई एंड काबुल और नूबाम लिमिटेड हांगकांग के अस्तिव्व और कारोबार पर सवाल खड़े करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनूप नौटियाल और प्रदेश संयोजक विवेक यादव ने कहा है कि आम आदमी पार्टी ने अपने स्तर पर इन कंपनियों की जांच पड़ताल की है, जिसमें इन कंपनियों का कोई अता-पता नहीं मिला है।

साथ ही कहा कि इंटरनेट पर भी इन कंपनियों का कोई भी अता-पता मौजूद नहीं है और न ही कोई डिटेल है। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया है कि इस मामले की जांच के लिए उत्तराखंड सहित देश की तमाम जांच एंजेसियों को सात पेज की लिखित शिकायत भी की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया इन कंपनियों के माध्यम से हवाला और कालेधन के करोबार की बू आ रही है। इस करार और इन कंपनियों को फर्जी कंपनी करार देते हुए पार्टी पदाधिकारियों ने विपक्षी पार्टी बीजेपी की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

पार्टी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को बीस जनवरी तक का समय देते हुए मामले में सफाई देने की मांग की है। साथ ही पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में कोई भी हीलाहवाली की गई तो आम आदमी पार्टी इस घोटाले के खिलाफ उत्तराखंड में उग्र आंदोलन करेगी।