फाइल चित्र - बाबा रामदेव

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कालेधन के खिलाफ कुछ कार्रवाई तो की है, लेकिन परिणाम उस स्‍तर पर सामने नहीं आ रहे हैं, जितनी लोगों को उम्‍मीद थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कालेधन पर परिणाम आधारित संकल्‍प लेना होगा। वहीं सरकार को इस मामले में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यह बात योग गुरु बाबा रामदेव ने पुणे में स्‍वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही।

उन्‍होंने कहा कि भ्रष्‍टाचार से तंग आ चुकी जनता बड़ी उम्‍मीदों के साथ मोदी सरकार से जुड़ी है। इसलिए सरकार ने चुनाव के समय जो वादे किए थे, उन्‍हें पूरा करने की दिशा में और आगे आने की कोशिश करनी चाहिए।

रामदेव ने कहा कि भ्रष्‍टाचार के खिलाफ जारी लड़ाई काफी लंबी है, जो एक दो-दिन में नहीं लड़ी जा सकती। इसके लिए आम लोगों को भी सरकार के फैसलों का समर्थन करना होगा, ताकि देश के विकास में काला धन बाधा न बने।

कुछ दिन पहले जब बाबा रामदेव से पूछा गया था कि कालाधन कब तक वापस आएगा? इस सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा था कि कालाधन वापस लाने के लिए मोदी सरकार ने समय दिया है।

पत्रकारों ने उनसे पूछा था कि ‘कालेधन की अभी तक वापसी नहीं हो पाई है, जबकि आपने कहा था कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो 15 दिनों के भीतर कालाधन वापस आएगा। डेढ़ साल से ज्यादा बीत गए, क्या इस मुद्दे को लेकर आप आवाज नहीं उठाएंगे?’

बाबा ने मुस्कराते हुए जवाब देते हुए कहा था कि कालेधन को लेकर अभी आवाज उठाएंगे तो कहा जाएगा कि मैं सबसे लड़ता रहता हूं।