उत्तराखंड के जौनसार बावर में सोमवार को माघ पर्व की रंगत शुरू हो गई। इस मौके पर घर-घर में बकरे काटे गए। लोगों ने देवता से सुख और शांति की कामना की। देर शाम तक गांवों में गीत-संगीत का दौर चलता रहा।

दरअसल जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में एक महीने तक माघ पर्व मनाया जाता है, जिसके तहत स्थानीय लोग बकरी काटते हैं और एक महीने तक बकरी के मांस का सेवन करते हैं। लोग इस जश्न के तहत हारूल और तांदी नृत्य पर झूमते रहे।

महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पर्व का जश्न मनाया। खानपान के साथ ही मनोरंजन के भी विशेष प्रबंध किए गए। रविवार को बावर, देवघार, शिलगा, बाणाधार, लखऊ, कोयलू, बाना जोशीगांव खत में पर्व की शुरुआत हो गई।

क्षेत्र में एक साथ ही हजारों बकरे काटे गए। इससे पहले सुबह लोगों ने मंदिर में जाकर आरधना की, जिसके बाद हथियारों की पूजा अर्चना की गई, फिर हर घर परिवार में एक बकरा काटा गया।