उत्तराखंड में पौड़ी जिले के कोटद्वार से दिल्ली जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस की बिजनौर में एक ट्रक से भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए।

घायलों को बिजनौर पुलिस की मदद से वहां के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से छह गंभीर घायलों को मेरठ रेफर कर दिया गया। हादसे में मारे गए एक युवक की देर शाम तक शिनाख्त नहीं हो पायी थी।

रोडवेज ने मृतक आश्रितों को पचास हजार रुपये, गंभीर घायल को बीस हजार और सामान्य घायल को पांच हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। हादसे की वजह कोहरे में तेज रफ्तार बताई जा रही है। बिजनौर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

कोटद्वार से सुबह छह बजे 18 सवारियों को लेकर निकली रोडवेज की बस करीब साढ़े सात बजे जैसे ही बिजनौर के पास सुवाहेड़ी गांव पहुंची। इसी बीच बिजनौर से नजीबाबाद की ओर आ रहे एक ट्रक के साथ उसकी भिड़ंत हो गई। बस में हाहाकार मच गया। बस की दाई ओर की साइड के परखच्चे उड़ गए।

हादसे में कोटद्वार निवासी महिला सरिता उर्फ पिंकी (28) पत्नी विनोद चौधरी की मौके पर मौत हो गई। महिला मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले की निवासी है और यहां नौकरी करती थी। हादसे में एक 30 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है। जिसकी शिनाख्त नहीं हो पायी है।

कोटद्वार डिपो के एजीएम बीके सैनी ने बताया कि मृतक की जेब से नगर पालिका कोटद्वार की तहबाजारी की पर्चियां मिली हैं। संभवत वह कोटद्वार में ठेली रेहड़ी लगाता हो। हादसे में लालपुर निवासी कुलदीप, उनकी पत्नी मीनाक्षी रावत, रतनपुर निवासी राजो देवी पत्नी भोपाल सिंह, विजय कर्णवाल, सोनाली पुत्री सुदर्शन, मानपुर निवासी चिरंजीलाल, बालम सिंह निवासी कोटद्वार घायल हो गए हैं।

बिजनौर पुलिस के अनुसार हादसे में नजीबाबाद और कीरतपुर क्षेत्र से बैठे नजीबाबाद निवासी रिजवाना पत्नी दिलशाद, उसका पांच साल का बेटा आमिर, नजीबाबाद के कीरतपुर भनेड़ा गांव निवासी फुरकाना पत्नी साजिद, उनकी बारह साल की बेटी मुस्कान, बेटा रिहान और बिजनौर के गांव सिरधनी निवासी अली हसन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को बिजनौर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जहां से गंभीर घायल अली हसन, बालम सिंह, चिरंजीलाल, सोनाली, राजोदेवी और मीनाक्षी को मेरठ रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।