वरिष्ठ बीजेपी नेता और नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्‍यारी ने खटीमा के दूरस्थ गांव बग्गा चौवन को एक साल पहले सांसद आदर्श ग्राम चुना गया था। इतना लंबा वक्त गुजरने के बावजूद गांव के एक हजार से भी अधिक लोग आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। इसके चलते सांसद आदर्श ग्राम में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं।

सांसदों द्वारा गोद लिए गए सांसद आदर्श ग्राम ही भारत स्वच्छता अभियान की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। सांसद आदर्श ग्राम के बावजूद भी उन्हें आजतक जहां सरकार की तरफ से शौचालय नहीं मिल पाए हैं, वहीं शौचालय न होने की वजह से ग्रामीणों को होने वाली परेशानी के चलते ग्रामीण सरकार से शौचालय की मांग कर रहे हैं।

भाजपा सांसद को उनकी जिम्मेदारी का अहसास दिलाते हुए कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को हल कराने की बात कर रहे हैं। वहीं डीएम ने बग्गा चौवन ग्राम वन भूमि पर बसे होने की दलील देते हुए अन्य योजनाओं के माध्यम से फंडिग कर बायो डायजेस्टेड टॉयलेट लगाने की कोशिश की बात कही है।

प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की हवा उनके ही सांसदों द्वारा गोद लिए गए आदर्श गांव निकाल रहे हैं। इससे भी ज्यादा गंभीर बात और क्या हो सकती है कि सांसद आदर्श ग्राम होने के चलते सरकारी मशीनरी के रडार पर होने के बावजूद भी जब बग्गा चौवन के ग्रामीण खुले में शौच करने को आज भी मजबूर हैं, तो देश के अन्य ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता अभियान की क्या तस्वीर होगी।