धार्मिक नगरी हरिद्वार में इन दिनों अर्द्धकुंभ की धूम है। अर्द्धकुंभ और पठानकोट आतंकी हमले की वजह से यहां पुलिस और खुफिया तंत्र काफी मुस्तैद दिख रहे हैं। हरिद्वार पुलिस ने रुड़की में एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें उससे पूछताछ में जुटी हैं।

अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि वह पश्चिम बंगाल में दिनाजपुर बॉर्डर के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल हुआ था। राजधानी दिल्ली होते हुए शनिवार शाम ट्रेन से रुड़की आ पहुंचा। पुलिस ने रेलवे स्टेशन के बाहर उसे दबोच लिया।

पंजाब के पठानकोट एयरबेस में हुए आतंकी हमले के बाद हरिद्वार में भी अलर्ट जारी किया गया है। खासकर अर्द्धकुंभ के चलते सार्वजनिक स्थलों पर चौकसी बरती जा रही है। शनिवार की शाम रुड़की रेलवे स्टेशन के बाहर गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल की टीम ने एक संदिग्ध को रोककर पूछताछ की। आरोपी ने बांग्लादेश का पता बताया तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

आला अधिकारियों तक खबर पहुंचने पर खुफिया विभाग की टीम भी पूछताछ के लिए कोतवाली पहुंच गई। देर रात तक हुई पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी दिनाजपुर बॉर्डर से पश्चिम बंगाल और फिर वहां से दिल्ली पहुंचा। पूछताछ में आरोपी ने पहली बार रुड़की आने की जानकारी दी है। मगर बांग्लादेशी नागरिक रुड़की क्यों और किस इरादे से पहुंचा, इसकी पड़ताल जारी है।

पठानकोट में आतंकी हमले के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी ने रात के समय रेलवे स्टेशनों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। स्टेशन पर आने जाने वाले ट्रेनों को खंगाला गया। जिनमें देहरादून अमृतसर, हावड़ा अमृतसर, कोलकाता जम्मू-तवी एक्सप्रेस, मुरादाबाद सहारनपुर पैसेंजर, दिल्ली हरिद्वार पैसेंजर, धनबाद फिरोजपुर, देहरादून हावड़ा आदि ट्रेनों में चेकिंग हुई। अभियान के दौरान आरपीएफ निरीक्षक प्रमोद कुमार अवस्थी, जीआरपी प्रभारी मोतीराम शर्मा आदि शामिल रहे।

हरिद्वार में अर्द्धकुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बुलाई गई बैठक में विभिन्न राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने मेले के दौरान किसी भी तरह की आतंकी घटना से निपटने पर मंथन किया। बैठक में आतंकवाद से बचाव, यातायात प्रबंधन पर चर्चा की गई।

उत्तराखंड के डीजीपी बीएस सिद्धू ने मेले की सुरक्षा के लिए हर संभव सहयोग मांगते हुए ऐसे संगठनों के संबंध में एक दूसरे राज्य से सूचनाओं का आदान प्रदान करने पर जोर दिया। बैठक में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी नागरिकों, आईएसआई, आईएसआईएस की गतिविधियों पर निगाह रखने को कहा। इसके अलावा पठानकोट की घटना के दृष्टिगत अभेद सुरक्षा व्यवस्था व चौकसी आदि विषयों पर सहमति बनी।