टिहरी के भिलंगना ब्लॉक में चेतना आंदोलन की ओर से शुरू की गई घसियारी प्रतियोगिता में अमरसर बासर गांव की रैजा देवी विजेता रहीं। उन्हें प्रथम विजेता के रूप में 16 तोले के चांदी के मुकुट और एक लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बुधवार को चमियाला क्षेत्र के ग्राम कोठियाड़ा में संपन्न प्रतियोगिता में ग्यारह न्याय पंचायतों की 637 महिलाओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में यशोदा देवी दूसरे और अबली देवी तीसरे स्थान पर रहीं।

ब्लॉक के 112 ग्राम पंचायतों में एक महीने तक अलग-अलग चरणों में घसियारी प्रतियोगिता आयोजित की गई। अपने-अपने क्षेत्रों से चुनकर आई 26 महिलाओं के बीच ग्राम पंचायत कोठियाड़ा गांव के जंगल में दो मिनट घास काटने और इंटरव्यू के साथ फाइनल प्रतियोगिता हुई।

प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रही यशोदा देवी को 51 हजार व 13 तोले का चांदी का मुकुट और तीसरे नंबर पर रही अबली देवी को 21 हजार व 10 तोला चांदी के मुकुट से पुरस्कृत किया गया।

प्रतियोगिता में शामिल हुई टॉप टेन घसियारियों में कुशला देवी ग्राम अखोड़ी, रेशमा देवी जखन्याली, सुनिता देवी हडियाड़ा, कमला देवी अणवां, मीना देवी बेलेश्वर, सैता देवी और उर्मिला देवी चौंरा को दस-दस ग्राम चांदी के सिक्के दिए गए, जबकि अन्य 16 घसियारियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। निर्णायक मंडल में लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी, दीपा गैरोला, कमला पंत, रमा ममगाईं, शामिल थे।