हल्द्वानी।… केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक और सरकारी योजना से इंदिरा गांधी का नाम गायब कर दिया है। गरीबों को सिर छुपाने के लिए छत देने के लिए सरकार द्वारा चलाई गई ‘इंदिरा आवास योजना’ से मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री का नाम हटा दिया है।

ग्राम्य विकास उत्तराखंड के शासनादेशानुसार साल 2016 से योजना प्रधानमंत्री जन आवास योजना के नाम से जानी जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी को साल 2011 के सर्वे के आधार पर लाभार्थियों का चयन कर सूची प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं।

देश की गरीब जनता को ‘इंदिरा आवास योजना’ का लाभ देने के लिए सरकार ने साल 2011 में गांवों का सामाजिक व आर्थिक सर्वेक्षण कराया गया था। संयुक्त सचिव ग्रामीण आवास द्वारा 22 दिसंबर 2015 को जारी किए गए पत्रांक संख्या 606 के अनुसार सभी मुख्य विकास अधिकारियों को विकासखंड स्तर पर ग्राम पंचायत वार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य की अलग-अलग सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

आवास के लिए 25 वर्ग फीट भूमि का मानक निर्धारित किया गया है। बालिग अविवाहित अकेले रहने वाली कन्या, सेना, अर्द्धसैनिक बल व पुलिस फोर्स के शहीद की विधवाओं, कैंसर, कुष्ठ रोग व एचआईवी से पीड़ित लोग योजना के लिए पात्र होंगे।

उन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिनके पास ढाई एकड़ की भूमि, पचास हजार रुपये की लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड, लैंड लाइन फोन, फ्रिज आदि होगा। 20 जनवरी तक सभी विकास खंडों को ग्राम पंचायत वार पात्रों की सूची प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं।