उत्तराखंड के 349 डिग्री कॉलेज विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से अनुदान लेने के हकदार ही नहीं हैं। कॉलेजों में भूमि, भवन, संरचनात्मक सुविधाएं और स्टाफ की कमी के साथ ही विश्वविद्यालय से स्थायी संबद्धता नहीं होना सबसे बड़ा रोड़ा है।

स्थायी संबद्धता नहीं होने से कॉलेज 12बी के लिए यूजीसी को आवेदन तक नहीं कर सकते हैं। यूजीसी से अनुदान के लिए 12बी के तहत मान्यता जरूरी है।

राज्य के 407 डिग्री कॉलेजों में से महज 58 को 12बी की मान्यता है। इनमें राजकीय डिग्री कॉलेजों की संख्या 39 है। 12बी की मान्यता नहीं होने से इन कॉलेजों को यूजीसी से अनुदान नहीं मिल सकता है। जिन कॉलेजों को 12बी की मान्यता है, उनके लिए यूजीसी से अनुदान हासिल करने के रास्ते खुले हैं।

12बी की मान्यता वाले कॉलेज यूजीसी से संसाधन, रिसर्च और प्रोजेक्ट आदि कई मदों में अनुदान हासिल करते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मलकानी ने बताया कि कॉलेजों को स्थायी संबद्धता का मुद्दा विभागीय बैठकों में उठ चुका है। विभागीय स्तर पर इसको लेकर कवायद चल रही है।

12बी यूजीसी एक्ट 1956 की धारा है। इसके तहत मान्यता हासिल करने के लिए कॉलेजों में भूमि, भवन, संरचनात्मक सुविधाएं और पर्याप्त स्टाफ होना चाहिए। कॉलेज की किसी भी विश्वविद्यालय से स्थायी संबद्धता होना अनिवार्य है। स्थायी संबद्धता होने पर ही कोई कॉलेज 12बी के लिए यूजीसी को आवेदन कर सकता है।

उच्च शिक्षा परिषद की ओर से सरकार को सुझाव दिया गया है कि 12बी की मान्यता के लिए सभी कॉलेजों को भूमि, भवन और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। परिषद ने कहा है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने के बाद हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि (एचएनबी) की ओर से कॉलेजों को स्थायी संबद्धता नहीं दी जा रही है।

ऐसे में गढ़वाल मंडल के सभी राजकीय और अनुदानित डिग्री कॉलेजों को श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाना चाहिए।