नई दिल्ली।… केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि 15 राज्यों ने कर्ज में फंसी बिजली वितरण कंपनियों को पटरी पर लाने की ‘उदय योजना’ से जुड़ने पर सहमति जताई है।

बिजली, कोयला तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘देश के आधे से अधिक राज्यों ने उदय (उज्ज्वल डिसकॉम एश्योरेंस योजना) स्कीम से जुड़ने को लेकर सहमति जताई हैं। 29 राज्यों में 15 इस योजना से जुड़ने को तैयार हैं।’

मंत्री ने कहा कि आज चार बड़े राज्यों – उत्तर प्रदेश, बिहार, ओड़िशा तथा महाराष्ट्र ‘उदय योजना’ से जुड़ने को लेकर सहमति जताई है। उदय योजना से 15 राज्यों के जुड़ने के साथ बिजली वितरण कंपनियों के 4.0 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज इस स्कीम के दायरे में आ जाएगा।

उदय योजना के संदर्भ में पहले सहमति पत्र मंगलवार को बिजली मंत्रालय, झारखंड सरकसर तथा राज्य की बिजली वितरण कंपनी जेबीवीएनएल हस्ताक्षर करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार मंत्रिमंडल मंगलवार को इस पर विचार करेगा और ‘उदय योजना’ से जुड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी देगा। उत्तर प्रदेश, ओड़िशा तथा महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल ने पहले ही योजना में शामिल होने की मंजूरी दे चुके हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या योजना के तहत ऋण का पुनर्गठन होगा, मंत्री ने कहा कि राज्य 75 प्रतिशत कर्ज का जिम्मा लेंगे और ऋण के बदले बांड जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण कंपनियां शेष 25 प्रतिशत कर्ज चुकाने के लिए कोष जुटाने को लेकर राज्यों की गारंटी वाला बांड जारी करेंगे।

जिन राज्यों ने इस योजना में रुचि दिखाई है, उसमें मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और गुजरात शामिल हैं।