पठानकोट/नई दिल्ली।… पंजाब के पठानकोट वायुसेना अड्डे में सुरक्षा बलों ने रविवार को दो अन्य आतंकवादियों को मार गिराया। इन्होंने चार अन्य आतंकवादियों के साथ इस अड्डे पर शनिवार को हमला कर दिया था। आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के एक अधिकारी सहित कुल सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। तलाशी अभियान रविवार देर शाम तक जारी रहा।

केंद्रीय गृहसचिव राजीव महर्षि ने नई दिल्ली में रविवार को कहा कि कथित तौर पर पाकिस्तान से आए आतंकवादी वायुसेना अड्डे के साजो-सामान नष्ट नहीं कर पाए, क्योंकि सुरक्षा बलों ने समय पर त्वरित कार्रवाई की। पठानकोट वायुसेना अड्डे के कमान अधिकारी, एयर कमोडोर जे.एस. धमून ने मीडिया से कहा, ‘घुसपैठियों, आतंकवादियों से वायुसेना अड्डे को पूरी तरह मुक्त किए जाने तक अभियान जारी रहेगा।’

चार आतंकवादियों को शनिवार को 15 घंटे चली मुठभेड़ में मार गिराया गया था। जवाबी कार्रवाई में एनएसजी, थलसेना और वायुसेना के कमांडो शामिल थे। वायुसेना के लड़ाकू हेलीकॉप्टर मदद में थे। रविवार शाम तक पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे से धुआं उड़ता हुआ देखा गया।

उन्होंने कहा कि शनिवार को घंटों चली मुठभेड़ के बाद चार आतंकवादियों को मार गिराया गया था। ‘यह पता नहीं चल पाया था कि वहां अन्य आतंकवादी भी हैं या नहीं।’ महर्षि ने कहा, लेकिन रविवार सुबह दो अतिरिक्त आतंकवादियों के बारे में पता चला।

महर्षि के अनुसार, आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में वायुसेना के छह जवान शहीद हो गए और आठ अन्य घायल हो गए। रविवार सुबह एनएसजी का एक अधिकारी शहीद हो गया और उसके अन्य 12 साथी घायल हो गए।

महर्षि ने नई दिल्ली में मीडिया से कहा, ‘त्वरित कार्रवाई के कारण आतंकवादी अपने इच्छित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए, बल्कि उन्हें पेड़ों-झाड़ियों के एक घने इलाके में घेर लिया गया।’

उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों ने शनिवार को हुए हमले से पहले ही पठानकोट के निकट वायुसेना अड्डे सहित आसपास के इलाके में अलर्ट जारी कर दिया था।

महर्षि ने कहा कि सभी प्रमुख प्रतिष्ठानों और सरकारी कार्यालयों को संभावित आतंकवादी हमले के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था और उन आतंकवादियों को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए थे, जिन्होंने इसके पहले एक टैक्सी ड्राइवर की हत्या कर दी थी।

एयर कमोडोर धमून ने हमले के बारे में विवरण देते हुए कहा, ‘देर रात तलाशी अभियान के दौरान एक समूह की गार्ड (वायुसेना कमांडो) के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। एक गार्ड शहीद हो गया और एक घायल हो गया। अनुमानत: आतंकवादियों की संख्या चार है और वे वहां से भाग कर अन्य इमारतों की ओर चले गए। भागते समय वे गोलीबारी करते रहे।’

उन्होंने कहा कि आतंकवादी भागते समय डीएससी (डिफेंस सर्विस कॉर्प्स) के मेस पर गोलीबारी की, जहां सुबह तड़के का नाश्ता तैयार हो रहा था। धमून ने कहा, ‘डीएससी का एक जवान आतंकवादियों के पीछे लपका और एक को पकड़ लिया। जवान ने आतंकवादी की ही राइफल से उसे मार गिराया। उसके बाद आतंकवादियों की ओर से दागी गई एक गोली लगने से वह शहीद हो गया।’

उन्होंने कहा, ‘आतंकवादियों को एक इलाके में घेर लिया गया और अभियान पूरी रात और रविवार सुबह जारी रहा।’ उन्होंने कहा कि सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए हैं, जिसमें एक गार्ड कमांडो, पांच डीएससी से और एक एनएसजी का अधिकारी शामिल है। शनिवार शाम तक मारे गए आतंकवादियों की संख्या और उनके खिलाफ अभियान की समाप्ति को लेकर भ्रम की स्थिति रही।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को ट्वीट किया था कि अभियान समाप्त हो गया है और पांच आतंकवादी मारे गए हैं। लेकिन बाद में ट्वीट वापस ले लिया गया, क्योंकि यह स्पष्ट हुआ कि चार आतंकवादी मारे गए हैं और वायुसेना अड्डे में अतिरिक्त आतंकवादी अब भी छिपे हो सकते हैं।

जिस इलाके में वायुसेना के मिग-21 लड़ाकू विमान, एमआई-35 लड़ाकू हेलीकॉप्टर और अन्य महत्वपूर्ण साजो-सामान थे, वह पूरी तरह सुरक्षित बना रहा। सेना, एनएसजी, वायुसेना कमांडो, अर्धसैनिक बलों और पंजाब पुलिस द्वारा वायुसेना अड्डे और आसपास के इलाकों में गहन तलाशी अभियान रविवार को जारी रहा।

वायुसेना के हेलीकॉप्टर जमीन पर मौजूद जवानों की मदद के लिए वायुसेना अड्डे और आसपास के इलाकों के ऊपर पूरी रात और रविवार तड़के से उड़ान भरते रहे। वायुसेना अड्डे में रविवार सुबह और दोपहर गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को कहा, ‘सुरक्षा एजेंसियां दो आतंकवादियों से मुठभेड़ में जुटी हुई हैं।’ बादल ने पंजाब में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा अंजाम दी गई दो बड़ी घटनाओं के मद्देनजर राज्य में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की संख्या मजबूत बनाने की मांग की।

बादल ने कहा, ‘बीएसएफ की संख्या पर्याप्त नहीं है। वैसे यह (पंजाब) एक शांतिपूर्ण राज्य है, लेकिन बीएसएफ की संख्या कम है। हमें बीएसएफ की अधिक संख्या की जरूरत है, खासतौर से इस इलाके के लिए जो जम्मू एवं कश्मीर के साथ लगी सीमा से सटा हुआ है।’

इस बीच शहीद एनएसजी अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन कुमार के एक रिश्तेदार ने कहा कि उनका शव सोमवार को अंतिम संस्कार के लिए केरल में पलक्कड़ के पास स्थित उनके गृहनगर ले जाया जाएगा। निरंजन कुमार के माता-पिता केरल से हैं, और वे इस समय बेंगलुरू में बस गए हैं। कुमार के परिवार में पत्नी और दो वर्ष का एक बच्चा है।