नए साल के मौके पर उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार ने आम लोगों को करार झटका दिया है। नए साल में राज्य के सरकारी अस्पतालों में इलाज मंहगा हो गया है। सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पर फीस में 10 फीसदी की वृद्धि की गई है, जिसके चलते ओपीडी रजिस्ट्रेशन फीस 15 रुपये से बढ़कर 17 रुपये हो गई है।

इसके साथ ही मेडिकल जांच की फीस में भी दस फीसदी इजाफा हुआ है। फीस बढ़ने से सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना अब आम लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। अस्थायी राजधानी देहरादून के दून अस्पताल में रोजाना करीब दो हजार मरीज अपना इलाज कराने आते हैं।

उत्तराखंड के साथ ही दूसरे राज्यों के मरीज भी दून अस्पताल में अपना इलाज कराने आते हैं, मगर नए साल के पहले ही दिन उन्हें निराशा हाथ लगी। उनका कहना है कि हर साल सरकार सरकारी अस्पतालों में इलाज की फीस में 10 फीसदी का इजाफा कर रही है, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों का कहना है कि अगर सरकार निजी अस्पतालों की तर्ज पर आम लोगों का इलाज सरकारी अस्पतालों में कराएगी तो भला आर्थिक रूप से कमजोर लोग अपना इलाज कैसे करा पाएंगे। दून अस्पताल के प्रभारी सीएमएस का कहना है कि तत्काल प्रभाव से नई दरों को लागू कर दिया गया है।

उनका कहना है कि सरकार अब जेनेरिक दवाओं को भी फ्री करने जा रही है। फिलहाल देखना होगा कि आखिर मरीजों को सरकार कोई राहत देती भी है, या महंगे इलाज कराने के लिए मरीजों को मजबूर होना पड़ेगा।