उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मकर संक्रांति से अस्थायी राजधानी देहरादून से केदारनाथ के लिए 50 प्रतिशत छूट पर हवाई सेवा शुरू की जाएगी। इस सेवा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके बाबा केदार धाम के दर्शन और प्रकृति के दर्शन कराने हैं।

जनवरी अंत या फरवरी मध्य में जब केदारनाथ में खूब बर्फ होती है, उस दौरान केदार महोत्सव आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम की तिथि और आयोजन के लिए निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल को जिम्मेदारी सौंपी है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत शुक्रवार को सुबह 11.23 बजे हेलीकॉप्टर से केदारनाथ पहुंचे। मंदिर परिसर में मत्था टेककर उन्होंने बाबा से उत्तराखंड की सुख, समृद्धि की कामना की। उन्होंने पुनर्निर्माण कार्यों पर भी संतोष जताया।

सीएम ने कहा कि माइनस में तापमान होने के बावजूद जिस शिद्दत से निम पुनर्निर्माण में जुटा है, उस पर पूरे राज्य को गर्व है। मुख्यमंत्री निम, पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों के अलावा पुनर्निर्माण में जुटे मजदूरों से मिले और उनके कार्य कौशल की सराहना की। इस दौरान उन्होंने गर्म कपड़े और मिठाईयां भी बांटीं।

harish-rawat-celebrate-new-year1
नववर्ष मनाने केदारनाथ पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों को प्रति परिवार एक-एक लाख रुपये, मुआवजे से वंचित 923 मजदूरों को 10-10 हजार रुपये का मुआवजा देने और एलएंडटी परियोजना से प्रभावित 493 परिवारों को भी शीघ्र मुआवजा वितरण की बात भी कही।

kedarnath-reconstructions

सीएम ने जिलाधिकारी डॉ. राघव लंगर और कर्नल कोठियाल के साथ धाम में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव राकेश शर्मा, एडीबी के निदेशक अमित नेगी, एसपी पीएन मीणा, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ईई केएस नेगी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

ढोल की थाप सुन खुद को रोक न पाए सीएम
harish-rawat-celebrate-new-year

नए साल की पूर्व संध्या पर देर रात तक देशभर में लोगों ने नाचकर जश्न मनाया, लेकिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत साल 2016 की पहली सुबह केदारनाथ में ढोल की थाप पर थिरके।

दरअसल मुख्यमंत्री हरीश रावत केदारनाथ के पुर्ननिर्माण कार्यों में लगे उन लोगों को बधाई देने पहुंचे, जो इतनी ठंड में भी दिन-रात जी-जान से वहां काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के केदारनाथ मंदिर पहुंचने पर निम के लोगों ने पारंपरिक डांस के साथ उनका स्वागत किया। जब ढोल की थाप पर नौजवान थिरके, तो खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत भी अपने आप को नहीं रोक पाए।