राजधानी दिल्ली में हादसे का शिकार हुए सीमा सुरक्षा बल के विमान में शहीद उत्तराखंड के डिप्टी कमांडेंट भगवती प्रसाद भट्ट की पत्नी ने उपेक्षा का इल्जाम लगाकर राज्य की हरीश रावत सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

उनका कहना है कि उनके पति की मौत के एक हफ्ते बाद भी सरकार के किसी नुमाइंदे और प्रशासनिक अधिकारी ने उनके परिजनों की सुध नहीं ली है। इस बात से बीपी भट्ट के परिजन काफी व्यथित हैं और उनका कहना है कि उन्हें सरकार से इस तरह की उपेक्षा की उम्मीद नहीं थी।

पिछले मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल का सुपरकिंग विमान दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ान भरने के दस मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें रुद्रप्रयाग निवासी डिप्टी कमांडेंट भगवती प्रसाद भट्ट की मृत्यु हो गई थी।

डिप्टी कमांडेट बी.पी. भट्ट की मौत के हफ्तेभर बाद भी उत्तराखंड सरकार की ओर से उनके परिजनों को सहायता मिलना तो दूर किसी ने उनका हालचाल जानने तक की जहमत नहीं उठाई है।

दिवंगत बीपी भट्ट अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। जौलीग्रांट के प्रतिष्ठित कुंवर सिंह मनवाल के यहां बीपी भट्ट का ससुराल है। इन दिनों मायके आईं उनकी पत्नी स्वाति भट्ट सरकार की उपेक्षा से बेहद आहत दिखीं।

उन्होंने बताया कि विमान हादसे में मृत हरियाणा के पायलट और एक अन्य अधिकारी को वहां की सरकार ने आर्थिक सहायता के साथ नौकरी और स्मारक बनाने का भरोसा दिया है। जबकि, यहां की सरकार का कोई नुमाईंदा एक सप्ताह बाद भी सुध तक लेने नहीं आया।

राज्य के पूर्व कृषि मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजयुमो के प्रदेश सदस्य विशाल मनवाल, पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता आदि ने प्रदेश सरकार से दिवंगत डिप्टी कमांडेंट के परिजनों को उचित सहायता देने की मांग की है।