चेतना आंदोलन संस्था द्वारा उत्तराखंड में पहली बार टिहरी जिले के भिलंगना विकासखंड में ‘घसियारी प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की घास काटने की इस प्रतियोगिता को शनिवार 2 और रविवार 3 जनवरी से पट्टी स्तर पर करवाया जाएगा और 5 और 6 जनवरी को भिलंगना में 11 न्याय पंचायतों से 33 प्रतिभागी इसमें शामिल होंगीं।

पहली बार आयोजित की जा रही इस ‘घसियारी प्रतियोगिता’ में घास काटने में विजयी रहने वाली महिलाओं को चांदी के मुकुट से पुरस्कृत किया जाएगा। पहले स्थान पर आने वाले महिला को 1 लाख रुपये और 16 तोला चांदी का मुकुट, दूसरे स्थान पर रहने वाली महिला को 51 हजार और 13 तोला चांदी का मुकुट व तीसरे पुरस्कार के तौर पर 21 हजार और 10 तोला चांदी का मुकुट दिया जाएगा।

संस्था के अध्यक्ष त्रैपन सिंह चौहान का कहना है कि ‘चिपको आंदोलन’ से लेकर राज्य आंदोलन में सबसे ज्यादा बलिदान महिलाओं ने दिया है, लेकिन आज उन ग्रामीण महिलाओं के विकास की ओर कोई नहीं देख रहा है।

‘घसियारी’ एक घास काटने वाली महिला ही नहीं, बल्कि बेस्ट इकॉलोजिस्ट है जो आज खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है। ‘घसियारी प्रतियोगिता’ से घास काटने वाली महिलाओं का आत्म सम्मान बढ़ेगा।