भविष्यवाणी 2016: महंगाई बढ़ेगी, आपदाएं करेंगी परेशान और आतंकी हमले भी बढ़ेंगे

हम सबने एक नए साल में कदम रख लिया है। साल 2016 से हमें और आपको ढेरों उम्मीदें होंगी। पिछले साल देश ने कई उतार-चढ़ाव देखे। चाहे वे राजनैतिक दृष्टि से हों या फिर आर्थिक दृष्टि से। साल 2016 भारत के लिए कैसा होगा? इसको लेकर ज्योतिषियों की भी अपनी अलग-अलग राय है।

उत्तराखंड के एक मशहूर ज्योतिषाचार्य पंडित पवन पंत का कहना है कि भारत की कुंडली में लग्नेश व्यस्त और गुरू अस्त स्थान पर हैं। ऐसे में देश की जनता की अपेक्षाएं पूरी होती नजर नहीं आ रही हैं।

आतंकियों की नजर में देश
पंत का कहना है कि देश ही नहीं दुनियाभर में साल 2015 में आतंक ने लोगों को आतंकित किया है। भारत पर भी आतंकियों की नजर है। ऐसे में नए साल में आतंकी घटनाएं काफी बढ़ सकती हैं। पंत की भविष्यवाणी साल के दूसरे ही दिन सही साबित हुई, जब आतंकियों ने पंजाब में पठानकोट के एयरबेस पर हमला बोल दिया।

पंत का कहना है कि साल 2015 में देश के दक्षिणी इलाके ने काफी प्राकृतिक आपदा का सामना किया, जिससे जानमाल की काफी हानि हुई। साल 2016 सम्य संवत्सर है, तो इससे कोई विशेष घटनाएं नहीं बनती, लेकिन फिर भी अप्रैल से जून और नवम्बर व दिसंबर में प्राकृतिक आपदा का योग बनता है। दक्षिण राज्यों में आपदा आ सकती है, लेकिन वो बहुत बड़ी नहीं होगी।

पंत के अनुसार उत्तरी राज्यों में कोई नुकसान नहीं होगा। नए साल में भारत का लग्न बृहस्पति प्रधान है और कुंडली धनु लग्न की बनती है। इस आधार पर भारत और यहां के प्रधानमंत्री का यश दुनिया में गूंजेगा। वे अपने कार्यों को करने में बाहरी देशों में सफल होंगे, लेकिन अपने देश में अपनी योजनाओं पर काम नहीं कर सकेंगे। अपने देश के राजनैतिक दल उनके लिए बाधक सिद्ध होंगे।

ज्योतिषाचार्य नेपाल से संबंध सुधरने की बात कर रहे हैं, क्योंकि इस से भारत को काफी नुकसान हो सकता है। ज्योतिषाचार्य की मानें तो जिस तरह मोदी का वर्चस्व दुनिया में बढ़ रहा है उससे आतंकवादी निगाहें देश की ओर हैं, लेकिन बावजूद इसके देश आगे बढ़ता रहेगा।

महंगाई से नहीं मिलेगी राहत
साल 2016 महंगाई के हिसाब से खराब रहा। अभी देश के प्रधानमंत्री को महंगाई को काबू करने में एक साल और लगेगा। पंडित जी कहना है कि साल 2016 में शेयर बाजार ने भी बहुत से लोगों को हंसाया भी और रुलाया भी, लेकिन साल 2016 के लिए शेयर बाजार को ज्योतिष का कहना है कि लंबे निवेश से बचें। छोटा निवेश करें, इसी में लाभ अधिक मिलेगा।