उत्‍तराखंड में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान के बाद आखिरकार अजय भट्ट को प्रदेश अध्‍यक्ष का कार्यभार सौंप दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे चल रहे अजय भट्ट ने खुद को साबित कर दिखाया है। उन्‍होंने दिखा दिया है कि बीजेपी आलाकमान उनके नेता प्रतिपक्ष के कार्यकाल से पूरी तरह से संतुष्ट है।

हालंकि कुछ हफ्ते पहले ही कोटद्वार दौर पर आए अजय भट्ट ने खुद को प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ से बाहर बताया था, लेकिन मीडिया में बयानबाजी करने के बाद अजय भट्ट खुद को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर लाबिंग में जुट गए थे।

अजय भट्ट को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से आने वाले दिनों में बीजेपी के अंदर तेजी के साथ राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। दरअसल, ब्राह्मण को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद इतना तो तय है कि मिशन 2017 के लिए बीजेपी किसी ठाकुर नेता को आगे करेगी।

कुमांऊ की झोली में प्रदेश अध्यक्ष का पद देने के बाद बीजेपी गढ़वाल के किसी ठाकुर नेता के सहारे 2017 के विधानसभा चुनावों में कुदेगी और उसको वह सीएम पद के लिए प्रोजेक्ट भी कर सकती है।

माना जा रहा है कि अजय भट्ट को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए बीजेपी नेता सतपाल महाराज ने भी जमकर पैरवी की थी।