सांकेतिक तस्वीर

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और कोतवाली पुलिस ने सोमवार की देर रात देहरादून जिले में तीर्थनगरी ऋषिकेश के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर तीन सेक्स रैकेट का खुलासा किया। कार्रवाई में दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया और जिस्मफरोशी के धंधे में जबरन धकेली जा रहीं सात युवतियों को मुक्त कराया गया।

पुलिस ने मंगलवार को सेक्स रैकेट में हत्थे चढ़े दो पुरुष और दो महिलाओं का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने चारों आरोपियों के जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार एसओजी और पुलिस ने बीते सोमवार की देर रात आवास विकास स्थित एक घर पर छापा मारकर सेक्स रैकेट चला रही सरगना शीला और दो युवतियों को हिरासत में लिया।

पुलिस ने शिवाजी नगर में दबिश देकर एक घर से एक महिला और तीन युवतियों को पकड़ा। इसके बाद संयुक्त टीम ने रायवाला क्षेत्र में हरिद्वार रोड स्थित रुद्रा होटल में दबिश दी। यहां दो पुरुष और दो महिलाएं आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। पुलिस सभी को कोतवाली ले आई।

कोतवाल अर्जुन सिंह रावत ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी में सेक्स रैकेट चला रही सरगना शीला मूल रूप से पश्चिम बंगाल और शिवाजीनगर में पकड़ी गई बबीता ऊधमसिंह नगर की रहने वाली है।

होटल से पकड़े गए पुरुषों की पहचान रघुवीर सिंह राणा निवासी खैरीकलां, रायवाला और गंभीर सिंह कलूड़ा निवासी गढ़ी श्यामपुर के रूप में की गई है। चारों के खिलाफ संबंधित धारा में केस दर्ज कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया।

पुलिस के मुताबिक छापे के दौरान जिस्मफरोशी के धंधे में जबरन धकेली जा रही सात युवतियों को मुक्त कराया गया है। पीड़ित युवतियां अलग-अलग राज्यों की हैं, जो गरीब पारिवारिक पृष्ठभूमि की हैं। कोतवाल ने बताया कि कोर्ट ने पीड़ित युवतियों को उचित संरक्षण में सौंपने का आदेश दिया है।

पुलिस ने बताया कि रुद्रा होटल में भी सेक्स रैकेट चल रहा था। यहां कमरों में दो महिलाएं और दो पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में मिले। यहां से भी तीन युवतियों को मुक्त कराया गया। पुलिस ने बताया कि होटल को सीज करने की रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है।