सांकेतिक तस्वीर

पौड़ी जिले के थैलीसैंण स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में तैनात अतिथि शिक्षक ने देर से पहुंचने पर एक छात्र की पिटाई कर दी। छात्र ने इसकी शिकायत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से की तो वे सीधे स्कूल पहुंचे और आरोपी अतिथि शिक्षक की धुनाई कर दी। शिक्षक को पिटते देख प्रिंसिपल ने रोकना चाहा तो एसडीएम ने उन्हें भी थप्पड़ जड़ दिए।

राजकीय शिक्षक संघ को इस घटनाक्रम का पता चला तो संघ भड़क उठा। संघ ने स्कूल बंद करवाकर एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में एसडीएम ने लिखित रूप से माफी मांगी, तब जाकर मामला शांत हुआ।

प्रिंसिपल और प्रभारी बीडीओ राजपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को प्रात: साढ़े नौ बजे असेंबली में कक्षा दस का छात्र आशीष रावत देर से पहुंचा। इस पर अतिथि शिक्षक सुरेंद्र सिंह ने उसके हाथ में छड़ी मारकर इसको दंड दिया। लेकिन इससे आशीष के हाथ में सूजन आ गई और वह दर्द से बिलबिलाता हुआ कुछ ही दूरी पर स्थित तहसील कार्यालय पहुंचा और मामले की शिकायत एसडीएम मायादत्त जोशी से की।

छात्र का हाथ देखकर एसडीएम जोशी स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल कक्ष में ही अतिथि शिक्षक सुरेंद्र सिंह की पिटाई करने लगे। बीच-बचाव के लिए प्रधानाचार्य राजपाल सिंह पहुंचे तो उन्हें भी दो-चार तमाचे जड़ दिए। मामले की सूचना पाकर राजकीय शिक्षक संघ भड़क उठा और संगठन से जुड़े शिक्षकों ने कॉलेज को बंद करवा दिया।

संघ के जिलाध्यक्ष मेहरबान सिंह भंडारी ने एसडीएम की इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। मामले को लेकर प्रशासन और शिक्षक संघ के बीच दिनभर गहमागहमी चलती रही।

मामले के तूल पकड़ते देख एसडीएम जोशी ने घटना पर अफसोस जताया। उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देश के बाद लिखित रूप से माफी मांगकर मामले को शांत किया।

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) हरे राम यादव ने आपत्ति जताते हुए कहा कि एसडीएम को इस मामले में विभाग को अवगत कराना चाहिए था। इसके बाद विभाग नियमानुसार शिक्षक पर कार्रवाई करता। इस तरह से सीधा शिक्षक पर हाथ उठाना कतई उचित नहीं था।

इस पूरे मामले पर डीएम चंद्रशेखर भट्ट ने कहा, मामला मेरे संज्ञान में आया है। थैलीसैंण एसडीएम को इस तरह का बर्ताव नहीं करना चाहिए था। मैंने एसडीएम मायादत्त जोशी को मामला सुलझाने के लिए माफी मांगने को कहा है।