नैनीताल : जंगल में दिखा खूबसूरत झरना, बनेगा नया पर्यटन स्थल

हल्द्वानी।… पर्यटकों को नए साल में उत्तराखंड में एक नया पर्यटन स्थल घूमने को मिलेगा। वन विभाग की टीम को नंधौर अभ्यारण्य के घने जंगल में काफी ऊंचाई से गिरने वाला खूबसूरत झरना दिखा है।

कई फीट ऊंचाई से गिरता झरना और आसपास मौजूद प्राकृतिक दृश्य शानदार हैं। वन महकमे ने इसे ईको टूरिज्म सेंटर के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई है। नंधौर अभ्यारण्य का काफी इलाका अब भी अनछुआ है। इसमें से एक जौलासाल रेंज है। यह रेंज दुर्गम इलाके और घने जंगल के लिए पहले से ही प्रसिद्ध रहा है।

इस जंगल में जौलासाल और छकाता रेंज की टीम संयुक्त गश्त पर गई थी। टीम को रेंज के भिरगोठ कंपार्टमेंट में एक झरना दिखा है। टीम में शामिल आरओ सुनील गैरोला कहते हैं कि यह झरना करीब 58 फीट की ऊंचाई से गिरता है। झरने में पानी की मात्रा, बहाव देखने लायक है।

एसडीओ प्रकाश आर्य कहते हैं कि आसपास का इलाका भी रमणीक है। कुछ दूरी पर ही ब्रिटिश काल की बनी सौ फुटिया लाइन और जौलासाल का रेस्ट हाउस है। इस झरने के पास तक मार्ग भी है। ऐसे में इसे ट्रेकिंग रूट बनाते हुए इसके टूरिस्ट सेंटर के तौर पर विकसित होने की पूरी संभावना है। जल्द ही टीम यहां का दौरा करेगी, जिसके बाद प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा।

डीएफओ डॉ. चंद्रशेखर सनवाल कहते हैं कि नंधौर अभ्यारण्य में ही बटर फ्लाई पार्क बनाया गया है, जहां पर तितलियों के हिसाब से फूलों की प्रजातियों का रोपण किया गया है। इससे तितलियों को बेहतर स्थान मिलेगा तो साथ में ही घूमने आने वाले लोगों को रंग बिरंगी विभिन्न प्रजातियों की तितलियां देखने को मिलेंगी।

अगर झरनों की बात करें तो कालाढूंगी के पास नया गांव स्थित झरने का जिक्र आता है। यहां पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। पर इनके अलावा कई और जगह झरने हैं, जिनकी उपेक्षा की गई है। नया गांव से कुछ दूरी पर लदुवागाढ़ झरना है। इसके अलावा चूनाखान में बराती रौ और दूसरे शानदार झरने हैं। यह इलाका प्राकृतिक नजारों और चिड़ियों के लिए भी प्रसिद्ध है।