उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि कांग्रेस में कोई नया, पुराना नहीं है। कांग्रेस गंगा की तरह है, दूर से हाथ जोड़ने वाला भी उसका भक्त हो जाता है। मुख्यमंत्री सोमवार को कांग्रेस भवन में पार्टी के 131वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वह कांग्रेस के इतिहास को पढ़ें।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस भारतीय इतिहास में सर्वाधिक पुराना राजनीतिक दल है। वर्तमान में कांग्रेस के समक्ष मात्र कम्युनिस्ट पार्टी एवं रिपब्लिकन पार्टी का इतिहास ही पुराना है। अन्य सभी राजनीतिक दल अपेक्षाकृत नए हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस केवल सियासी दल न होकर सामाजिक आंदोलन है। कांग्रेस की स्थापना ही सामाजिक परिवर्तन के लिए की गई थी, न कि सत्ता प्राप्ति के लिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक कांग्रेस मेन के रूप में कांग्रेस के आधारभूत व मूल तत्वों धर्म निरपेक्षता, सामाजिक, राजनैतिक धार्मिक सहिष्णुता, राजनैतिक लोकतांत्रिक प्रणाली, संसदीय लोकतंत्र आदि पर गर्व करते हैं।

उन्होंने कहा कि आज सामाजिक, राजनैतिक तथा धार्मिक सहिष्णुता संकट में है। विचारों को व्यक्त करने की स्वतंत्रता संकट में है। ऐसे समय में भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों को जानने व उस पर अमल करने की अत्यंत आवश्यकता है।

कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधायक एवं संसदीय सचिव राजकुमार, विधायक हेमेश खर्कवाल, उमेश शर्मा काऊ, प्रांतीय महासचिव नवीन जोशी, प्रांतीय उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा आदि मौजूद रहे।

समारोह में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के कार्यों को सराहते हुए उनकी पीठ थपथपाई। सीएम ने कहा कि किशोर के नेतृत्व में बेहतर काम हो रहा है।

कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से टिकट के दावेदारों के बीच घमासान मचा हुआ है। कुछ दावेदार खुद को पुराना और दूसरे को नया बताकर उसे टिकट की दौड़ से बाहर करने की कोशिश में लगे हैं। वहीं, बाहरी प्रत्याशी का भी विरोध किया जा रहा है। ऐसे में सीएम ने पार्टी में मचे इस घमासान को थामने के लिए समारोह में स्पष्ट कर दिया कि पार्टी में कोई नया-पुराना नहीं है।