उत्तराखंड पुलिस ने अस्थायी राजधानी देहरादून की एक महिला से धोखाधडी कर 20 लाख रुपये हड़पने के आरोप में दो नाइजीरियाई नागरिकों सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि तीनों आरोपियों को नई दिल्ली में देवली एक्सटेंशन और डीएलएफ मॉल से रविवार को गिरफ्तार किया गया। तीन आरोपियों में से दो की पहचान एंथनी और गाडविन के रूप में की गई है, जो नाइजीरियाई नागरिक हैं जबकि एक अन्य महिला हुइद्राम सरजूबाला देवी उत्तर-पूर्व में मणिपुर की रहने वाली है और एंथनी की पत्नी है।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, एक नोट पैड के अलावा 114 सिम कार्ड भी बरामद हुए हैं। दाते ने बताया कि देहरादून की रहने वाली तसनीमा कौसर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि उसे एक फोन के जरिए स्काटलैंड से एक कुरियर आने की जानकारी दी गई और उसके लिए उसे 65,000 रुपये बतौर कस्टम फीस जमा करने को कहा गया।

तसनीमा ने उनकी बात पर विश्वास कर फोन पर दिए गए बैंक खातों में धन जमा करा दिया, लेकिन उसे कोई कुरियर नहीं मिला। कुछ दिनों बाद एक फोन के जरिये तसनीमा को फिर बताया गया कि कुरियर में 15 करोड़ यूरो की भारी भरकम धनराशि होने की वजह से वह उन्हें सीधे नहीं दिया जा सकता और इसके लिए उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक में खाता खुलाना होगा।

खाता खुलवाने तथा अन्य कार्यवाही के नाम पर आरोपियों ने उनसे धीरे-धीरे लगभग 20 लाख रुपये अपने विभिन्न खातों में जमा करवा लिए, लेकिन इसके बावजूद कुरियर न मिलने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून नगर कोतवाली और विशेष कार्यबल की एक 10-सदस्यीय संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसने मोबाइल नम्बरों और इस प्रकार ठगी करने वालो का डाटा प्राप्त कर आरोपियों का पता लगाया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों द्वारा घटना में प्रयोग किए जा रहे पंजाब नेशनल बैंक, कैनरा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक व सैन्ट्रल बैंक के खातों की जांच की गई तो पाया गया कि ये खाते बेंगलुरु व उत्तर-पूर्व में खुलवाए गए थे और धन निकालने के लिए इन खातों के एटीएम का प्रयोग दिल्ली में किया जा रहा था।

इस घटना का खुलासा करने के लिए देहरादून के एसएसपी ने पुलिस टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार देने की भी घोषणा की।