सभी जिलों के लिए ‘सबला’ चाहती हैं राज्य सरकारें, केंद्र ने बजट कम होने का हवाला दिया

नई दिल्ली।… किशोरियों के पोषण का ध्यान रखने और उन्हें जीवन कौशल शिक्षा मुहैया कराने के मकसद से बनी ‘सबला’ योजना की सफलता के मद्देनजर कई राज्यों ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से इसे सभी जिलों में लागू करने का अनुरोध किया है, लेकिन मंत्रालय ने बजट में कमी का हवाला देकर ऐसा करने में अपनी अक्षमता जताई है।

योजना फिलहाल केवल 205 चयनित जिलों में ही लागू की जा रही है। राज्यों के इस कदम से मंत्रालय को हालांकि इस मद में मौजूदा वित्तवर्ष के लिए शुरू में आवंटित कोष 75.50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 475.50 करोड़ रुपये करना पड़ा।

किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए राजीव गांधी योजना (आरजीएसईएजी) को ‘सबला’ के नाम से जाना जाता है और किशोरियों की पोषण जरूरत, स्वास्थ्य और जीवन कौशल शिक्षा पर ध्यान देने के मकसद से मौजूदा समय में यह 11 से 18 साल की लड़कियों के लिए केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘सबला में बहुत प्रगति दिख रही है और इसलिए हमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से योजना के तहत और अधिक जिलों को शामिल करने का प्रस्ताव मिला है।’ बहरहाल, सरकार ने बजट कम होने का हवाला देते हुए राज्यों के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।