निर्भया के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री हरीश रावत, कड़े कानून की बात कही

देहरादून।... मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार और समाज दुष्कर्म पीडितों के साथ है और उनके पुनर्वास के लिए एक नीति बनाई जाएगी, ताकि वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकें।
रावत ने यह बात चार साल पहले नई दिल्ली में हुए बहुचर्चित दुष्कर्म और हत्याकांड की शिकार युवती के परिजनों से मुलाकात के दौरान कही।
अस्थायी राजधानी देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, रावत ने कहा कि सरकार और समाज दुष्कर्म पीडितों के साथ है। उन्होंने कहा, ‘दुष्कर्म पीडितों के पुनर्वास एवं सम्मानजनक जीवन हेतु राज्य में एक नीति बनाई जाएगी ताकि वह एक सम्मानजनक जीवन जी सकें।’
युवती के परिजनों ने मुख्यमंत्री रावत से शनिवार को नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान उनसे सहयोग की अपेक्षा करते हुए इस वीभत्स घटना के गुनहगार के उत्तराखंड प्रवेश पर रोक लगाने सहित अपनी तीन मांगें रखीं।
युवती के परिजनों ने कहा कि उनकी पुत्री के साथ इस जघन्य घटना को अंजाम देने वाले गुनहगार को उत्तराखंड में प्रवेश न करने दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया कि दुष्कर्म से सम्बंधित मामले फॉस्टट्रैक कोर्ट में चलाए जाएं, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा हो सके और राज्य में फॉरेंसिक लैबोरेटरी की स्थापना की जाए।
मुख्यमंत्री रावत ने युवती के परिजनों को पूरा सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधो में संलिप्त दोषियों की कानून के तहत उत्तराखंड में प्रवेश पर कैसे रोक लगाई जाए, इस विषय में वह पुलिस अधिकारियों से विचार विमर्श करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों को फॉस्ट ट्रैक कोर्ट में चलाये जाने के पक्ष में राज्य में प्रयास किए जा रहे हैं। रावत ने कहा कि हमारा भी यह मानना है कि दुष्कर्म मामलों में अपराधियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा हो और इसके लिए संसद में भी कानून लाया गया है।