वैसे तो उत्तराखंड के पहाड़ों में सर्दियों का आगाज पहले ही हो गया है, जिसके चलते यहां के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की संख्या में भी कमी देखने को मिल रही है। इस बीच सरोवर नगरी नैनीताल में सैलानियों की आवाजाही को बढ़ाने के लिए विंटर कार्निवल का रंगारंग आगाज हो गया है। पहाड़ की लोक संस्कृति और परंपरा देखने को मिल रही है और पर्यटक भी इसे देख काफी उत्साहित हैं।

रंगारंग आगाज के साथ नैनीताल कार्निवल की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश और मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहाकार रणजीत रावत ने विंटर कार्निवाल का उद्घाटन किया।

इस दौरान पहाड़ की लोक संस्कृति की झलक मालरोड सहित पूरे नैनीताल में देखने को मिली। इसके बाद नैनीताल पहुंचे तमाम दलों ने सांस्कृतिक जुलूस निकालकर सैलानियों का खूब मन मोहा। वहीं वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश और रणजीत सिंह रावत ने कहा की सरकार सैलानियों को पहाड़ों में लाने की कोशिश में लगी है।

इस दौरान इंदिरा हृदयेश ने कहा की सरकार की पहल है कि पहाड़ों में सैलानियों की संख्या में लगातार सर्दियों में भी बढ़ोतरी हो, इसके लिए सरकार कई जगहों पर इस तरह के आयोजन कर रही है।

वहीं रणजीत रावत ने कहा कि नैनीताल के साथ मसूरी में भी कार्निवल का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगले सालों से पूरे राज्य में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे ताकि सैलानियों को सर्दियों में भी उत्तराखंड की तरफ आकर्षित किया जा सके।

पहाड़ की संस्कृति एक जगह पर देख देशभर के सैलानी भी खुश हैं। चाहे झील में बोट कार्निवल हो या गुंजी के रंग सामाज की परंपरा या फिर कुमाऊं की लोक संस्कृति सभी ने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

इसके साथ ही स्कूली बच्चों द्वारा निकाली गई झांकियों को भी स्थानीय और सैलानियों ने खूब सराहा। सैलानियों का कहना है कि यहां आकर यहां की लोक संस्कृति को देखने के बाद बहुत ही अच्छा लग रहा है।