उत्तराखंड क्रांति दल (पंवार गुट) के केंद्रीय कार्यकर्ता सम्मेलन में शुक्रवार को नाटकीय घटनाक्रम के बीच केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। फिर करीब दो घंटे के बाद घटनाक्रम पूरी तरह बदला गया और कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से पंवार को ही तीन साल के लिए अपना अध्यक्ष फिर चुन लिया।

कुर्सी संभालने के बाद पंवार ने कहा कि साल 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में यदि यूकेडी उत्तराखंड में अपनी सरकार नहीं बना पाई तो वह पद से इस्तीफा दे देंगे।

हरिद्वार में कनखल स्थित सभागार में शुक्रवार सुबह यूकेडी का केंद्रीय कार्यकर्ता सम्मेलन शुरू हुआ। दोपहर करीब 12 बजे जब वक्ता राज्य की परिस्थितियों और पार्टी की स्थिति पर चर्चा कर रहे थे तो गढ़वाल क्षेत्र से पहुंचे कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी की भूमिका को लेकर तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए। इससे माहौल गरमा गया।

इसके तुरंत बाद केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उनकी घोषणा से कार्यकर्ता भी भौचक्के रह गए। कई पदाधिकारियों ने उन्हें मनाने की कोशिश की। करीब दो बजे खुले सदन में विजयपाल चौधरी और जयदीप भट्ट आदि नेताओं ने पंवार को फिर अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा।

पूरे सदन ने इसका अनुमोदन किया और पंवार फिर से तीन साल के लिए अध्यक्ष चुन लिए गए। पत्रकारों से बातचीत में पंवार ने कहा कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर ऐसे लोगों को तमाचा मारा है जो उनके अध्यक्ष बने रहने को लेकर टीका टिप्पणियां करते रहते हैं। फिर जिम्मेदारी सौंपने के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

इसके साथ ही पवार ने कहा कि वे साल 2017 के विधानसभा चुनाव में राज्य में यूकेडी की सरकार बनाकर दिखाएंगे। उन्होंने राज्य गठन के बाद से अब तक राज्य की जमीनें बेचे जाने की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की।