देहरादून।… हिन्दी साहित्य के सुविख्यात छायावादी कवि की स्मृति में उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल मंगलवार को एक स्मारक डाक टिकट जारी करेंगे।

अस्थायी राजधानी देहरादून स्थित राजभवन से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तराखंड के किसी भी साहित्यकार की स्मृति में पहली बार स्मारक डाक टिकट जारी किया जा रहा है।

साहित्य सृजक सुमित्रानंदन पंत के प्रकृति प्रेम, सौन्दर्य चित्रण, प्रगतिशील तथा मानवतावादी दार्शनिक विचारधारा से प्रभावित राज्यपाल ने हिंदी साहित्य में पंत के उल्लेखनीय योगदान को चिरंतन रखने के उद्देश्य से डाक टिकट जारी करने का प्रस्ताव इस साल जून में केंद्र सरकार को भेजा था।

20 मई, 1900 को उत्तराखण्ड में कुमाऊं क्षेत्र के कौसानी में जन्मे छायावादी युग के अग्रणी साहित्यकार की दो दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुईं, जिनमें कविता संग्रह, खण्डकाव्य, पद्य नाटक और निंबध शामिल हैं। चिदम्बरा, वीणा, पल्लव, गुंजन, ग्राम्या, युगांत, युगवाणी, लोकायतन, कला और बूढ़ा चांद उनकी उल्लेखनीय रचनाएं हैं।

हिन्दी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित कवि पंत को देश के प्रतिष्ठित सम्मान पद्मभूषण, ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी सहित सोवियत लैण्ड नेहरू अवॉर्ड से भी नवाजा गया।

28 दिसम्बर, 1977 को चिर-निंद्रा में सो गए साहित्य सृजक की पुण्यतिथि से पूर्व उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप ‘स्मारक डाक टिकट’ जारी किया जा रहा है। डाक-तार विभाग के सहयोग से राजभवन में आयोजित इस समारोह में कवि पंत के निकटतम परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है।