रोहतक।… हरियाणा के रोहतक की एक विशेष अदालत ने नेपाल की रहने वाली एक मंदबुद्धि महिला के साथ रेप कर उसकी हत्या करने के जुर्म में सात दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। महिला के साथ हुई दु:खद घटना इसी साल फरवरी की है, जब वह इलाज के लिए रोहतक आई थी।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा सिंघल ने बीते शुक्रवार को दोषी पाए गए सातों अपराधियों को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने इसके अलावा सभी अपराधियों, पदम, पवन, सुनील, सरवार, राजेश, सुनील और मनबीर पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सभी अपराधी 20-30 आयुवर्ग के हैं।

रोहतक से 20 किलोमीटर दूर रोहतक-हिसार राजमार्ग पर चार फरवरी को गांववालों को बाहु अकबरपुर के नजदीक एक खेत में महिला का शव विकृत अवस्था में मिला था।

पोस्ट मार्टेम रिपोर्ट के अनुसार, महिला के गुप्तांगों में कुछ कठोर चीजें घुसाई गई थीं। डॉक्टरों ने बताया कि महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, प्रताड़ित किया गया और उसके बाद बर्बरता से हत्या कर दी गई। महिला की खोपड़ी में फ्रैक्चर था और उसके कुछ अंगों को संभवत: पशुओं ने नोच खाया था।

पीड़ित एक फरवरी से ही लापता थी, जिसके बाद उसकी बहन और रिश्तेदारों ने रोहतक पुलिस से शिकायत की। हालांकि पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की और न ही तत्काल पीड़ित की खोजबीन ही शुरू की।

पीड़ित कुछ महीने पहले ही रोहतक के परास्नातक चिकित्सा संस्थान (पीजीआईएमएस) में इलाज कराने के लिए नेपाल से आई थी। हरियाणा पुलिस ने मामले में नौ लोगों को आरोपी बनाया। उनमें से एक आरोपी ने जहां खुदकुशी कर ली, वहीं एक अन्य आरोपी वारदात के समय किशोर था और उसके खिलाफ अलग से सुनवाई चल रही है।

इस मामले में कार्रवाई न करने के कारण चारों ओर से हरियाणा पुलिस को आलोचना झेलनी पड़ी। रोहतक में पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।