हरिद्वार जिले में रुड़की के लक्सर क्षेत्र में विवादित जमीन पर अंबेडकर मूर्ति रखने के बाद हुए बवाल में पुलिस ने 20 महिलाओं समेत कुल 34 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार की गई 16 महिलाओं और 14 पुरुषों को जेल भेज दिया गया है। चार महिलाओं को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

शनिवार देर रात लक्सर के एक गांव में एक विवादित भूमि पर आधी रात को कुछ ग्रामीणों ने बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी थी। न्यायालय में भूमि को लेकर चांदमल व नगर पंचायत के बीच विवाद चल रहा था।

रविवार को पुलिस प्रशासन जब मूर्ति हटाने आया तो ग्रामीण सामने आ गए, इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आखिरकार पुलिस मूर्ति हटाने में सफल रही।

मामले में लक्सर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी एसपी जोशी की शिकायत पर 20 महिलाओं सहित 34 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व पथराव करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कोतवाली प्रभारी जयदेव आर्य ने बताया कि सभी आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इन लोगों पर दर्ज किया गया मुकदमा
पुरुष : सूरज, सतीश, अंकित, रोहित, चुन्नू, ओमप्रकाश, मोहित, राजेश, राम सिंह, राज्जू, राजपाल, तेल्लूराम, बब्लू, जोगेंद्र।

महिलाएं : सीता, दीपा, ओमवती, रेखा, संजी, शंकुतला, सविता पत्नी शेर सिंह, सविता पत्नी रमेश, दयावती, उषा, उर्मिला, मोनी, प्रभा, माया, परसी, सावित्री, बबली, रेखा, इंद्रा, सलेलता।

पुलिस पर आरोप
अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष हरपाल सिंह साथी ने सोमवार को लक्सर गांव का मुआयना कर परिवारों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मामले में प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है।

ग्रामीणों का पिछले 30 साल से उस जगह पर कब्जा है। जिस पर यदि ग्रामीणों ने अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करके गलती कर दी थी तो प्रशासन को हैवानियत से काम नहीं लेना चाहिए था।

उन्होंने लक्सर एसडीएम व पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। कहा कि ग्रामीण अनुसूचित आयोग में लिखित शिकायत करते हैं तो मामले की जांच कराकर दोषी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।