‘चाय बागान’ की भूमि पर ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के राज्य सरकार के फैसले पर उपजे बवाल के बारे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि इस पर बनने वाले मकान या जमीनों के दाम बाजार भाव से कम रखे जाएंगे। उन्होंने कहा, यह निर्णय मध्यम वर्ग व निम्न मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

सीएम रावत ने आरोप लगाया कि ‘स्मार्ट सिटी’ पर हो रहा विरोध उन्हें ‘प्रायोजित’ दिखायी दे रहा है। इस संबंध में उन्होंने बीजेपी को नसीहत भी दी और कहा कि ‘स्मार्ट सिटी’ परियोजना बीजेपी का ही ‘ब्रेनचाइल्ड’ है और अगर उसे लगता है कि फिर भी इसे नहीं बनना चाहिए तो वह केंद्र सरकार से कहकर इस पर रोक लगवा सकते हैं।

रावत ने कहा, ‘मैं बीजेपी से पूछना चाहता हूं कि अगर ‘स्मार्ट सिटी’ चाय बागान पर न बने तो कहां बने। कोई वैकल्पिक सुझाव वह दे तो सही।’ ‘स्मार्ट सिटी’ की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि यह विचार अच्छा था, इसलिए उन्होंने इसे लपक लिया।

उन्होंने कहा, हमारे पास यह विकल्प था कि नगर निगम ‘स्मार्ट सिटी’ बनाता लेकिन उसके पास जमीन नहीं थी। इसलिए सरकार ने यह उचित समझा कि जहां पर जमीन है उसी पर ‘स्मार्ट सिटी’ बनाई जाए। इसके लिए जमीन ढूंढी गई और चाय बागान के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं था।

उन्होंने कहा कि यह हमारे पास ऐतिहासिक मौका था कि हम ‘स्मार्ट सिटी’ चाय बागान पर ही बनाएं या फिर इस परियोजना से पीछे हट जाएं।

नए बने मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट न होने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब के बारे में उन्होंने कहा कि यह कोई भूत बंगला नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं एक साधारण पृष्ठभूमि से हूं इसलिए जहां लंगर डाले हूं उसी में ठीक हूं।’