नई दिल्ली।… वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और विराट कोहली सहित चोटी के भारतीय क्रिकेटरों ने भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली का समर्थन किया है। जेटली पर आम आदमी पार्टी ने उनके कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं पर आंख मूंदने का आरोप लगाया है।

साल 2013 तक 13 साल डीडीसीए के प्रमुख रहे केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली पर दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। दिल्ली सरकार ने मांग की है कि स्वतंत्र जांच के लिए जेटली इस्तीफा दें या उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से ‘हटाया’ जाए।

गंभीर, सहवाग, भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली और तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने जेटली का समर्थन किया है। गंभीर ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, ‘जब जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे, तब इसमें काफी अच्छे काम हुए। अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक स्टेडियम का निर्माण किया गया। आपने देखा होगा कि पहले कोटला किस तरह का स्टेडियम था और अब कैसा है। ये सब काम तभी हुए जब जेटली अध्यक्ष थे।’

दिल्ली रणजी टीम के कप्तान ने कहा, ‘आज जो भी लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं, वे भी क्रिकेट सुधार समिति का हिस्सा थे। उन्हें शीर्ष पद दिए गए और उन्होंने दिल्ली के लिए कुछ नहीं किया।’ उन्होंने कहा, ‘अब जबकि वह (जेटली) अध्यक्ष नहीं हैं तब उन पर हर तरह के आरोप लगाये जा रहे हैं। यदि ऐसा मामला है तो फिर उन्हें डीडीसीए में ऐसे पदों पर नहीं होना चाहिए। आज सारे आरोप डीडीसीए पर नहीं बल्कि जेटली पर लगाए जा रहे हैं। मेरा सवाल है कि वह अकेले डीडीसीए को नहीं चला रहे थे।’

इस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सहवाग ने ट्वीट करके खिलाड़ियों की मदद में जेटली की भूमिका के लिए उनकी सराहना की।

इस रणजी सत्र में दिल्ली की जगह हरियाणा से खेलने वाले सहवाग ने लिखा, ‘डीडीसीए के साथ जुड़े रहने के दौरान अगर मुझे कभी भी किसी खिलाड़ी के ‘हैरानी भरे’ चयन के बारे में पता चला तो मुझे सिर्फ अरुण जेटली को सूचना देनी होती थी।’

भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान और दिल्ली की तरफ से खेलने वाले कोहली ने भी जेटली का समर्थन किया। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि डीडीसीए अध्यक्ष रहते हुए जेटली ने हमेशा क्रिकेटरों की मदद की। कोहली ने ट्वीट किया, ‘हम अरुण जेटली जी के आभारी हैं कि वह हमारे संघ के अध्यक्ष रहे। वह हमेशा खेल में सुधार चाहते थे और किसी भी तरह से क्रिकेटरों की मदद करते थे।’

दिल्ली के एक अन्य खिलाड़ी भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने भी जेटली का समर्थन किया। इशांत ने ट्वीट किया, ‘अरुण जेटली से मैंने जब भी बात की तो वह हमेशा मददगार, निष्पक्ष और विनम्र रहे।’

जेटली ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। गंभीर ने इस मामले में आगे कहा कि जेटली के अध्यक्ष पद से हटने के बाद स्थिति अधिक बदतर हुई। ईशांत ने कहा, ‘मेरा मानना है कि उनके पद छोड़ने के बाद स्थिति खराब हुई। यदि आप इस साल प्रथम श्रेणी सत्र से पूर्व की तैयारियों पर गौर करें तो वहां कोई गेंदबाज नहीं था, कोई विकेट या नेट्स नहीं थे। जब जेटली जी अध्यक्ष थे तब ऐसा कभी नहीं हुआ।’

उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि किसी तरह का भ्रष्टाचार हुआ या नहीं, मेरा सिर्फ इतना मानना है कि वर्तमान अधिकारी वहां नहीं होने चाहिए, क्योंकि उन्होंने कभी क्रिकेट के बारे में नहीं सोचा। पहले स्थिति बहुत अच्छी थी। पिछले दो सालों जैसी बुरी स्थिति डीडीसीए में पहले कभी नहीं रही। वहां कोई भी ऐसा नहीं है, जिसके पास जाकर अपनी बात रख सकते हों।’