आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून के चाय बागान में ‘स्मार्ट सिटी’ बनाए जाने के मामले में कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। AAP ने खुलासा किया है कि क्यों राज्य की हरीश रावत सरकार चाय बागान की जमीन को ही ‘स्मार्ट सिटी’ बसाने के लिए क्यों खरीदना चाहती है। आप ने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा का नाम जोड़कर भ्रष्टाचार का मुद्दा बनाया है।

आप नेता अनूप नौटियाल ने कहा कि चाय बागान की मालिक डीटीसी इंडिया लिमिटेड सिर्फ नाम मात्र की कंपनी है। इसका असली मालिकाना हक एक दूसरी ही कंपनी के पास है, जिससे राबर्ट वाड्रा जुड़े हुए हैं। इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए कि वह इन आरोपों की जांच सीबीआई, एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट व डीआरआई से कराए।

देहरादून में राजपुर मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि हम श्रमिकों को भूमिधर अधिकार दिलाने व पर्यावरण संरक्षण के लिए संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने चीन के विवि को 74 फीसदी हिस्सेदारी देने पर भी राज्य सरकार को निशाना बनाया।

नौटियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार अमूल्य संपदा को तबाह कर देने में जुटी है। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार में बीजेपी-कांग्रेस के आपस में मिले होने का भी आरोप लगाया। पत्रकार वार्ता में रणवीर चौधरी, ओंकार भाटिया, कमल देवराड़ी, नसीम अहमद आदि उपस्थित थे।

देहरादून में युवा सम्मेलन में डॉ. अनिल जोशी ‘स्मार्ट सिटी’ पर आक्रामक अंदाज में बोले। उन्होंने कहा कि यह स्मार्ट सिटी नहीं बल्कि श्मशान सिटी होगी। यह विनाशकारी विकास मॉडल का प्रतीक है।

वह गैर राजनीतिक तौर पर चाय बागान श्रमिकों और इलाकाई ग्रामीणों के पक्ष में संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अरबों का लेनदेन होगा, जिसमें बीजेपी और कांग्रेस के लोग शामिल हैं और आगे भी होंगे। जनता इनको सबक सिखाएगी।

जोशी ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों भ्रष्ट और जन विरोधी हैं। इसलिए साल 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता महान फैसला करेगी। जनता जमीन पर संघर्ष करने वाले असली योद्धाओं को चुनकर भेजेगी। वह सत्ता की राजनीति नहीं करेंगे, लेकिन जन की राजनीति अंतिम सांस तक करेंगे। उत्तराखंड को बरबाद करने वालों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है।