‘स्मार्ट सिटी’ से पहले भारत में बनेगी ‘न्यूक्लियर सिटी’, 2017 में बन जाएगा परमाणु शहरएक अमेरिकी मैगजीन ने दावा किया है कि भारत अपने यहां एक टॉप सीक्रेट परमाणु शहर बना रहा है। यह शहर साल 2017 में बनकर तैयार हो जाएगा। फॉरेन पॉलिसी से जुड़ी अमेरिकी मैगजीन ने यह सनसनीखेज दावा किया है।

मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक में मैसूर से करीब 260 किलोमीटर दूर चल्‍लाकेरे में यह न्‍यूक्‍ल‍ियर शहर बनाया जा रहा है। इस शहर को बनाने का मकसद अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान को परमाणु ताकत के मामले में पीछे छोड़ना है।

बताया गया है कि यह प्रोजेक्ट 2012 में शुरू हुआ था और इस प्रोजेक्ट से पाकिस्तान और चीन भड़केंगे। इसके अलावा रिपोर्ट में रिटायर भारतीय अफसरों और एक्सपर्ट्स के हवाले से कहा गया है कि इससे भारत में प्यूरिफाइड यूरेनियम का स्टॉक बढ़ जाएगा।

वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2017 में इसके पूरा होने के बाद यह पूरे उपमहाद्वीप का परमाणु हथियारों, अटॉमिक रिसर्च लैबों, हथियारों और एयरक्राफ्ट टेस्‍ट‍िंग सेंटर के मामले में सबसे बड़ा मिलिट्री ऑपरेटेड कॉम्‍प्‍लेक्‍स होगा।

मैगजीन में एड्रियन लेवी नाम के उस लेखक की रिपोर्ट है, जिसने पाकिस्‍तान के न्‍यूक्‍ल‍ियर प्रोग्राम से जुड़ी मशहूर किताब, ‘डिसेप्‍शन : पाकिस्‍तान, द युनाइटेड स्‍टेटस एंड द सीक्रेट ट्रेड इन न्‍यूक्‍ल‍ियर वेपंस’ लिखी है।

वहीं रिपोर्ट में व्हाइट हाउस के एक पूर्व अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि भारत के मैसूर शहर पर लगातार नजर रखी जा रही है और चल्लाकेरे में हो रही प्रगति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। गौरतलब है कि भारत ने पिछले कुछ सालों में 6 लाख, 31 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के हथियार खरीदे हैं।

भारत हथियारों के इंपोर्ट के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत ने पिछले 10 साल में अपनी मिलिट्री पर खर्च को भी दोगुना कर दिया है।