सांकेतिक तस्वीर

उत्तराखंड राज्य वित्त की धनराशि चमोली जिला और क्षेत्र पंचायतों को दिए जाने पर के विरोध में जिले के सभी प्रधान एक साथ सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं।

ब्लॉक सभागार में प्रधानों ने बैठक कर सरकार के इस निर्णय को लगत करार दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने बाद में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन भी एसडीएम हरीगिरी को सौंपा।

प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रूप सिंह थापा ने बताया कि सरकार ने राज्य वित्त के तहत मिलने वाली धनराशि का 60 फीसदी हिस्सा जिला पंचायत और 40 प्रतिशत क्षेत्र पंचायत को देने का फैसला किया है। विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों के पास सिर्फ 14वें वित्त आयोग का ही सहारा बचेगा। ऐसे में ग्राम सभाएं हमेशा केंद्र सरकार पर आश्रित रहेंगी। उन्होंने कहा, राज्य वित्त के तहत बजट न मिलने पर प्रधान एकजुट होकर राज्यव्यापी आंदोलन को मजबूर हो जाएंगे।

पछवादून प्रधान संगठन के अध्यक्ष इमरान खान ने बताया कि सरकार ने इस बावत 16 नवंबर को शासनादेश भी जारी कर दिया है। अगर सरकार इस निर्णय को वापिस नहीं लेती है तो पूरे राज्य के प्रधान इसका विरोध करते हुए धरना प्रदर्शन करेंगे।